Tuesday, October 30, 2018

डिप्रेशन क्या है और क्या है सिम्टम्स

What is depression and how to overcome?

"Depression kya hai"











 Depression: दोस्तों डिप्रेशन को हम कई नाम से जानते है  निराशा ,अवसाद ,उदासी 

और भी कई नाम से जानते  है। डिप्रेशन एक कॉमन बीमारी है जिसमे आपका मन उदास रहता है। 
उदासी का ये मतलब नहीं आप उदास है तो आप डिप्रेशन  में हो। डिप्रेशन नार्मल उदासी से अलग 
होती है डिप्रेशन को हम दो तरीकों से समझ सकते है 
a) डिप्रेशन में हमे बहुत उदासी रहती है, 
b)और ये लगातार रहती है। 
नार्मल उदासी और डिप्रेशन वाली उदासी में यही फरक है कि नार्मल उदासी कुछ समय के लिए रहती 
है फिर आप नार्मल हो जाते हो जबकि डिप्रेशन वाली उदासी लगातार रहती है। जो चीज़े आपको खुश 
कर पाती थी जैसे आपकी फैमिली,आपके दोस्त और भी जिससे आपको ख़ुशी मिलती थी डिप्रेशन की 
वजह से ये भी आपको खुश नहीं कर पाती है। 
डिप्रेशन की बीमारी कई सदियों से चलती आ रही है। 20वी सदी में भी लोग डिप्रेशन के शिकार थे।
पर 21वी सदी में डिप्रेशन की बीमारी 10 गुना तक बढ़ गयी है। डिप्रेशन का शिकार कोई भी हो सकता
है चाहे बच्चा हो या बड़ा।

Depression के कई कारण हो सकते है :

डिप्रेशन के कई कारण हो सकते है जैसे व्यापार की टेंशन,बच्चों की पढ़ाई की टेंशन,Unhealthy lifestyle,
जॉब की टेंशन,किसी के प्यार में धोका मिलना,फैमिली टेंशन,Workload और भी कई कारण डिप्रेशन के 
हो सकते है। जब आप डिप्रेशन का शिकार होते है तो आपका किसी भी चीज़ में मन नहीं लगता और
आपको ऐसा लगता है अब ये ही मेरी जिंदगी है जैसे कट रही है वैसे ही कटने दो। आपको कोई अच्छे बुरे
का ख्याल नहीं होता। आप डिप्रेशन से अपने आप को पोस्टिव रख कर बाहर आ सकते हो। सब कुछ
आप पर depend करता है आप क्या सोचते हो क्या करना चाहते हो। किस तरह से आप डिप्रेशन से
बाहर आए। आप अपनी जिंदगी को अच्छी तरह से जी सकते हो। सब कुछ आप पर डिपेंड करेगा आपको
आपसे अच्छा कोई नहीं जान सकता।

Depression के लक्षण :

1) Neagtive Thoughts बार बार आना भी डिप्रेशन का कारण हो सकता है। जिनके मन में Neagtive Thoughts आते है वो छोटा सा छोटा निर्णय भी सही समय पर नहीं ले पाते है या वे छोटा सा छोटा 
निर्णय लेने में भी काफी समय लगा देते है। उनके मन में यही रहता है कि मेरे साथ कोई उन्होनी न 
हो जाये। 
2) Feeling Irritate{चिड़चिड़ापन}:डिप्रेशन का कारण चिड़चिड़ापन भी हो सकता है। आपसे कोई 
लगातार बात कर रहा है और आप उसका जबाब न दे और आप हर बात पर गुस्सा हो जाये। ये भी 
डिप्रेशन का कारण है। 
3) Lack of Focus: Lack of Focus मतलब किसी भी काम पर फोकस न कर पाना भी एक डिप्रेशन 
का कारण हो सकता है। आप किसी भी बात पर बार-बार गुस्सा कर रहे हो और अपने काम पर फोकस 
नहीं कर पा रहे हो ये भी डिप्रेशन का कारण है। 
4) Lack Of Self-Esteem and Self Confidence{आत्मसमान और आत्मविश्वास की कमी}:
नकरात्मक सोच भी आपके आत्म सम्मान और आत्म विश्वास को कम कर सकती है। डिप्रेशन का 
कारण एक नकारत्मक सोच भी है। आप अपने आप को दूसरों से कम आंकना शुरू कर देते हो 
जो आपके आत्मविश्वास में कमी लाता है। आप अपने लिए कुछ करना चाहते है ,या आप अपनी लाइफ 
में कोई स्टेप लेना चाहते है पर आपको लगता है की लोग मेरे बारे में क्या सोचेगे। ये भी आत्मविश्वास की 
कमी को दर्शाता है। 
5) आत्महत्या: डिप्रेशन में आत्महत्या का खतरा भी बढ़ जाता है। बच्चे और महिलाएं इसका ज्यादा 
 शिकार होते है। महिलाएं पुरुषो के मुकाबले डिप्रेशन के कारण आत्महत्या करने का ज्यादा सोचती है। 
ये किसी भी कारण से हो सकता है जैसे अकेलेपन या किसी और कारण से भी। 
6) नींद न आना:नींद न आना भी एक डिप्रेशन का एक कारण हो सकता है। जब आप सोने लगते हो 
तो आपको बुरे सपने आते है और आपको घबराहट महसूस होने लग जाती है। जिससे आपको नींद 
नहीं आती है।

WHO REPORT:

1)World Health Organisation के मुताबिक विश्व में 300 मिलियन यानि 30 करोड़ लोग डिप्रेशन से 
पीड़ित है। ये विश्व की आबादी का लगभग 4.2% होगा। 

2) डिप्रेशन के शिकार पुरुषों के मुकाबले महिलाएं ज्यादा पीड़ित हैं। 

3) भारत में लगभग 5.5 मिलियन यानि 5 करोड़ लोग 50 लाख लोग डिप्रेशन से पीड़ित है। उनमे से 
3.2 करोड़ लोग "एग्ज़ाइटी" यानि बेचैनी से पीड़ित है। 

4) National Mental Health Survey {NHMS} की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 14 से कम साल 
के बच्चे भी डिप्रेशन के शिकार है। इनमे लड़के लड़कियां दोनों शामिल है। 


जिंदगी बहुत खूबसूरत है। आप डिप्रेशन से आसानी से बाहर आ सकते हो। डॉक्टर की 
सलाह ले। फिजिकली वर्कआउट करे। आप आसानी से डिप्रेशन से बाहर आ सकते हो 
आपको हर समय पॉजिटिव रहना होगा। जो आपका मन है वो करे और खुश रहे। 




























Wednesday, October 24, 2018

ग्रीन जूस क्यूँ पिये और फायदे जाने

GREEN JUICE

ग्रीन जूस 

दोस्तों आजकल की भागदौड़ वाली जिंदगी में आप कई चीज़ों से खिलवाड़ कर रहे हो। शहरों में
प्रदूषण की मात्रा हर साल बढ़ती जा रही है। ये प्रदूषण किसी भी प्रकार का हो सकता है जैसे की
ध्वनि प्रदूषण,वायु प्रदूषण,जल प्रदूषण। प्रदूषण हमारी सेहत पर बहुत गलत असर डालती है।
पैसे कमाने की भाग दौड़ में आप सेहत से खिलवाड़ कर रहे है। सही तरीके से डाइट ना लेना।
प्रोपर guidence न होना भी आपकी सेहत को बिगाड़ देता है। दोस्तों हम आपको एक ऐसे जूस
के बारे में बताने वाला हूँ जो पोषक तत्वों से भरपूर है। हम ग्रीन जूस के बारे में बात कर रहे है।
जो भी हमारी बॉडी को Nutrients/पोषक तत्व चाहिए। कुछ हद तक ये जूस पूरा कर पायेगी।
आइये जानते है ग्रीन जूस के बारे में :

ग्रीन जूस बनाने की विधि 

1) आपको सबसे पहले 50-75 ग्राम पालक चाहिए। 
2) एक खीरा और एक सेब चाहिए। 
3) एक आंबला या एक निम्बू चाहिए। 
4) एक चौथाई अदरक का टुकड़ा चाहिए 
5) कुछ पते Luttuce  (सलाद के पते) चाहिए। 
 इन सभी को अच्छी तरह धोये। फिर जूसर में इनका जूस निकाल ले। 150-200 ml ये जूस आप 
दिन में एक बार पी सकते है। हो सके तो इसमें मीठा और नमक ना डाले। 

ग्रीन जूस के फायदे 

पालक: ग्रीन जूस में पालक होने की वजह से इसके फायदे और बढ़ जाते है।  फ्लेवोनोइड्स और 
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होने के कारण पालक  विभिन्न प्रकार के कैंसर से लड़ने में मदद करता है। 
पालक में उपस्थित फोलेट और फाइबर भी कुछ कैंसर के जोखिम को कम करते है। ये हमारे 
रोग प्रतिरोधक मतलब रोगों से लड़ने में मदद करता है और दिल से सबंधित बिमारियों से भी लड़ने 
में भी मदद करता है।
खीरा: मानसिक तनाब के लिए खीरा आपके लिए बहुत अच्छा है। ये आपके स्ट्रेस को कम करता
 है। खीरे में विटामिन-k पाया जाता है। ये हमारी cells की ग्रोथ में मदद करता है।
सेब:सेब में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते है। सेब हमारे बॉडी में एनर्जी लेवल मतलब ऊर्जा के स्तर
को बढ़ाये रखने में मदद करता है। सेब में एंटीऑक्सीडेंट गुण होने के कारण ये हमारी याददाश्त को
तेज करता है।
आंबला या निम्बू: आंबला और निम्बू में विटामिन-c भरपूर मात्रा में पाया जाता है। ये हमारे कोलेस्ट्रॉल
लेवल हो भी कम करता है। ये हमारे बॉडी से विषैले पदार्थ को बाहर निकालता है। ये हमारे इम्यून सिस्टम
को भी मजबूत बनाता है। आपकी इम्युनिटी ठीक होगी तो आप कम बीमार होंगे।
अदरक:अदरक में एंटीसेप्टिक,एंटीफंगल,एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते है।  हमारी बॉडी की
सूजन और दर्द को कम करता है।
Luttuce (सलाद के पते): ये ऑप्शनल है आपको मार्किट में मिल जाये तो अच्छी बात है नहीं मिले
तो इसके बिना भी जूस बना सकते है। सलाद के पते हमारे Bad कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। जिससे
स्ट्रोक यानि हार्ट अटैक से ये हमे बचता है।

ग्रीन जूस क्यूँ पिये:

1) ग्रीन जूस पीने से हमारे स्किन में चमक आती है। जब आप अपने फेस तो देखते है तो आपके फेस 
पर एक चमक देखोगे।
2) ग्रीन जूस आपके Bad कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है। जिससे 
स्ट्रोक यानि हार्ट अटैक से बचाता है। 
3) हम जब कुछ खाते है जैसे जंक फ़ूड, या कोई ऑयली चीज़े,या मीट, तो हमारी बॉडी में टोक्सिन 
अर्थात विषैले पदार्थ जमा हो जाते है। उन विषैले पदार्थ को निकालने के लिए ग्रीन जूस बहुत अच्छा 
है। 
4) ग्रीन जूस हमारी फेस की रिंकल को कम करता है और स्किन में जो ढीलापन है उसको सही करता 
है मतलब स्किन की elasticity को सही करता है। 
5) ग्रीन आपको कई तरह के कैंसर से भी बचाएगा।   




Monday, October 15, 2018

चुकंदर रोज खाये और उसके गुणों को पहचाने





BEETROOT JUICE

BEETROOT JUICE BENEFITS

   चुकंदर यानि की Beetroot हमारी सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है। चुकंदर में काफी मात्रा 
    में फाइबर, फ्लेवेनॉइड्स और बीटासायनिन होता है। जिसकी बजह से इसका रंग लाल होता 
    है।  चुकंदर में कई तरह के विटामिन ,मिनरल पाए जाते है। वास्तव में लोगो को इनके औषद्यि 
   गुणों का पता नहीं होता है। आइये हम आपको बताते है चुकंदर के बारे में और जाने क्या है 
   इसके फायदे और ये हमारे लिए क्यों जरुरी है। 


1) चुकंदर High Blood Pressure के मरीजों के  लिए बहुत अच्छा है। जिनका Blood Pressure High
    रहता है ये जूस Blood Pressure को Normal रखता है। ये जूस High Blood Pressure  कारण
    होने वाली हमारे शरीर में सूजन को भी कम करता है।
2) चुकंदर में Iron की मात्रा बहुत अधिक होती है। Iron की मात्रा अधिक होने के कारण ये हमारी
    खून की मात्रा को सही करता है।
3) दोस्तों चुकंदर कैंसर से बचाब करता है हो सके तो हफ्ते में 2 से 3 बार चुकंदर जूस पिए जिससे
    आपको कैंसर की बीमारी छू नहीं पायेगी।
4) आपके Bad कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ गयी है तो चुकंदर जूस पिए। ये Bad कोलेस्ट्रॉल की मात्रा
    को कम करने में मदद करता है।
5) गर्भवती महिलाओं के लिए चुकंदर का जूस बहुत लाभकारी है क्यूंकि चुकंदर में फोलिक एसिड 
    पाया जाता है। चुकंदर गर्भवती महिला और उसके बच्चे के लिए बहुत जरुरी है। ये बच्चे की 
   हडियों को मजबूत बनाता है। चुकंदर गर्भवती महिला और उसके बच्चे को अतिरिक्त ऊर्जा 
   प्रदान करता है। 
6) चुकंदर का जूस Sex Hormones के लिए बहुत जरुरी है क्यूंकि चुकंदर में बोरॉन नामक 
   एक तत्त्व पाया जाता है जो Sex Hormones के निर्माण में मदद है। 
7) चुकंदर का जूस हमारे शरीर से टोक्सिन यानि बिषाले पदार्थ  को बाहर निकलता है। चुकंदर 
     में फाइबर की मात्रा बहुत अधिक होती है जिससे ये कब्ज की समस्या को दूर करता है। 
8) चुकंदर का जूस आपके स्टैमिना को बनाए रखने के लिए बहुत जरुरी है। इसको पीने से आपकी 
    बॉडी में ऑक्सीजन की आपूर्ति सही तरीके से होती है। जिससे आपका स्टैमिना बना रहता है। 
9) 1 चुकंदर ,4 गाज़र ,अदरक का टुकड़ा,पुदीना और आधा निम्बू ले। इसका जूस बनाए और सुबह
     खाली पेट पिये। इससे आपका बजन बहुत जल्दी कम होगा।
10) डायबिटीज के मरीजों के लिए भी चुकंदर बहुत लाभकारी है। जब चुकंदर का जूस पिए
      डायबिटीज के मरीज  5 से 6 घंटे तक मीठा ना खाये क्यों की चुकंदर में भी प्राकृतिक मिठास
      होती है।
11) चुकंदर का जूस Skin Disease के लिए बहुत अच्छा होता है। जैसे की आपको Acne है ,
       एक्जिमा है और भी कई तरह के स्किन इन्फेक्शन है उसे भी ये काफी हद तक ठीक करता है।
12) चुकंदर हमारे हार्ट के लिए बहुत अच्छा है ये हमारे हार्ट को मजबूत बनता है।
13) चुकंदर हमारे लीवर के लिए भी बहुत अच्छा है। ये हमारे लीवर को साफ़ रखता है यानि की
       ये हमारे लीवर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकालता है।
14) चुकंदर आपके शुक्रधातु की कमजोरी यानि की वीर्य (स्पर्म) को सही करता है। मतलब
      ये हमारे स्पर्म की गुणवत्ता को सही करता है।
15) चुकंदर हमारी मांसपेशियों को मजबूत  बनाता है। ये मांसपेशियों की कमजोरी को दूर करता
      है।
16) चुकंदर का जूस पीने से हमारी बॉडी की चमक बढ़ती है जिससे आपका चेहरा बहुत चमकदार
      दिखाई देता है। चुकंदर और टमाटर के जूस को चेहरे के डार्क सर्कल पर 1 महीने तक हर रोज़
      लगाए इससे डार्क सर्कल काफी हद तक कम हो जाते है।
17) चुकंदर का जूस आप Pre workout यानि जिम जाने से पहले भी पी सकते है। आप इसको
      जिम जाने से पहले 30 मिनट पहले पिए। इससे आपको ताकत मिलती है। और जिम में
       वेट उठाने के बाद होने वाली थकबाट आपको नहीं होगी।

      चुकंदर का जूस बनाने की विधि 

1)    200-250 ग्राम चुकंदर ले।
2)    कुछ पत्तियां पुदीने की ले।
3)    थोड़ी सी अदरक ले।
4)    आधा निम्बू ले।

        इनका जूस निकाले और हफ्ते में 3-4 बार पिए। 100-200 ml तक ही ये जूस दिन में एक
        बार पिए। जिससे आपको ताकत भी मिलेगी और कई तरह की बिमारियों से भी बच सकते
        है।

Monday, October 8, 2018

टाइफाइड बुखार

Typhoid Fever

टाइफाइड बुखार Salmonella Typhi और Salmonella Paratyphi नाम के बैक्टीरिया से होती
है। ये बैक्टीरिया हमारे खाने-पीने से हमारे शरीर में प्रवेश करता है  जैसे गंदे पानी ,संक्रमित जूस
 और कई तरह के पेय पदार्थ से हमारे शरीर में प्रवेश करता है। किसी संक्रमित व्यक्ति के झूठा
भोजन या कोई भी खाद्य पदार्थ खाने के कारण भी टाइफाइड की संभाबना बढ़ जाती है। यह
 Salmonella बैक्टीरिया हमारे पाचनतंत्र और खून में मिलकर सक्रामक रोग फैलाने लगता  है।
 जिससे संक्रमित व्यक्ति को बुखार आने लगता है। Salmonella नामक बैक्टीरिया हमारे शरीर
में एक जगह से दूसरी जगह घूमता रहा है जैसे लिवर से पित्ताशय आदि में घूमता रहता है। टाइफाइड
एक संक्रामक बीमारी है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलती है। टाइफाइड के कई लक्षण
हो सकते है आइये जानते है उन लक्षणों को-

टाइफाइड के लक्षण
टाइफाइड के पहले चरण में या टाइफाइड के पहले हफ्ते में बहुत तेज़ बुखार आता है और ये 
धीरे धीरे बढ़ता जाता है जिसके कारण सर दर्द होना,हाथ पैर में बहुत दर्द होना। आपको कब्ज
भी हो सकती है या दस्त भी लग सकते है। टाइफाइड में मरीज को भूख नहीं लगती है। टाइफाइड
में बुखार बढ़ने के साथ साथ आपके pulse बढ़ने चाहिए पर टाइफाइड बुखार में आपको इसका
उल्टा होता है बुखार बढ़ने के साथ साथ आपके pulse कम होते है। टाइफाइड के दूसरे चरण
में या टाइफाइड के दूसरे हफ्ते में शरीर में लाल रंग के दाने निकलने लगते है आपकी पीठ और
पेट के ऊपर। टाइफाइड के कारण पेट में दर्द हो सकता है,पेट भी फूल सकता है। टाइफाइड के
तीसरे चरण में या टाइफाइड के तीसरे हफ्ते में मरीज का mental function disturb हो जाता है।
जिसके कारण वो अजीब सी बातें करने लगता है। टाइफाइड के कारण बैक्टीरिया small intestine
में फस जाते है जिसके कारण Bones और Joint में Infection भी हो सकता है और इसके साथ 
और कई बीमारियां लग सकती है। जैसे Meningitis मतलब brain में सूजन या जलन हो सकती है। 
Nephritis मतलब किडनी में सूजन या जलन हो सकती है। Cholecystitis मतलब पित्ताशय 
(gall bladder) में भी सूजन हो सकती है। टाइफाइड के कारण आपको उल्टियां भी हो सकती है
पर ये बहुत कम cases में देखा गया है।

टाइफाइड की जाँच 
टाइफाइड की जाँच किस तरह से होती है हम आपको बताते है। शुरुआती स्टेज में रोगी को ब्लड
टेस्ट करवाना पड़ता है ब्लड टेस्ट करवा कर उसका इलाज शुरू किया जाता है। उसके इलाबा
रोगी का स्टूल टेस्ट करके उसके शरीर में टाइफाइड की  बैक्टीरिया की मौजूदगी का पता लगाया
जाता है। Widal Test भी टाइफाइड के लिए किया जाता है। कभी कभी ज्यादा बैक्टीरिया होने पर
अगर मरीज को ज्यादा पेट दर्द या उल्टी हो तो सोनोग्राफी भी करनी पड़ती है।

 टाइफाइड से कैसे बचे 
हम अपने दिनचर्या (Daily routine) में बदलाब करके भी टाइफाइड से बच सकते है। हमे कुछ
बदलाब करने पड़ेगे जिससे कई प्रकार के बैक्टीरिया और वायरस वाली बिमारियों से बच सकते है।
1) कुछ भी खाने से पहले अपने हाथ साबुन से धोले जिसे आपके हाथ से बैक्टीरिया मर जाएगे।
2) पानी उबाल कर पिए या अच्छा सा water filter घर पर लगाए।
3) सब्जियां पका कर ही खाये। कच्ची सब्जियां खाने से पहले उसको गरम पानी में 1-2 बार धो
 ले।
4) हरी सब्जियां और फल ज्यादा से ज्यादा खाये पर उन्हें खाने से पहले गरम पानी में धोये।
5) हफ्ते में एक बार एलोवेरा जूस पिए और हफ्ते में एक बार wheat grass(गेहूं का रस)
 पिए जिससे आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी। 

टाइफाइड का इलाज 
टाइफाइड के इलाज के लिए एंटीबायोटिक दी जाती है। बैक्टीरिया को मारने के लिए ये एंटीबायोटिक 
दी जाती है। टाइफाइड के शुरुआती अवस्था में इसका इलाज एंटीबायोटिक गोलियों और इंजेक्शन 
के द्वारा किया जाता है जिससे 2 -3 हफ़्तों में आपका टाइफाइड ठीक हो जाता हैं। इसके साथ आपको 
परहेज रखना बहुत जरुरी है। 

बच्चों का टाइफाइड का इलाज कैसे करे 
दोस्तों टाइफाइड के लिए छोटे बच्चों का इलाज होम्योपैथी और आयुर्वेदिक दवाइयों से करे क्यूंकि 
अलोपैथी दवाइयों से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है जिससे शरीर का सिस्टम 
बिगड़ जाता है जिससे उनको आगे चल कर उन्हें डायबिटीस भी हो सकती है। क्यूंकि टाइफाइड 
की अलोपैथी दवाइयां बहुत गरम होती है। इसलिए जो बच्चे 15 या 15 साल से नीचे है उनका 
इलाज टाइफाइड का आयुर्वेदिक या होम्योपैथी दवाइयों से हे करे।  

टाइफाइड का घरेलु उपचार 
1) 5-7 तुलसी के पते,थोड़ी सी अदरक और एक छोटी  इलाची ले फिर उसके एक कप पानी डाल 
  दे फिर उबाले जब ये एक चौथाई रह जाये तब छननी से छान कर पी ले। आपको टाइफाइड
 के बुखार में कुछ आराम मिलेगा। 
2) सेब का रस निकालकर उसमे अदरक का रस मिलाये ये भी हर तरह के बुखार में राहत दिलाता 
 है।  
3) पुदीने के कुछ पते और अदरक का छोटा सा टुकड़ा ले दोनों को पीस ले। फिर इसमें एक कप 
 पानी मिलाये।फिर पुदीने के पते और अदरक की पेस्ट को पानी में मिला कर एक घोल बना ले। 
 इससे दिन में दो बार सुबह शाम पिए। 
4) एक दो चम्मच प्याज़ का रस दिन में दो-तीन बार पीने से भी आपका बुखार उतरने लगता है। 
   प्याज़ का रस पीने सेआपको कब्ज़ से भी छुटकारा मिलयेगा।
5) टाइफाइड के बुखार से बचने के लिए आप लहसुन भी खा सकते है। सुबह खाली पेट एक या 
दो कलियाँ लहसुन की खाये गुनगुने पानी के साथ। लहसुन में एंटीबायोटिक गुण होता है जिसमे 
टाइफाइड बुखार में बनने वाले बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करता है। 
6) लोंग का पानी भी आप पी सकते है। 5-6 लोंग ले उसमे एक लीटर पानी  मिलाये 
   फिर इसे उबाल  ले जब ये आधा रह जाये ठंडा होने दे। फिर छननी से छान ले। एक हफ्ते तक इसे 
  पिए। 
7) 4 से 5 मुनक्का , 6-8 अंजीर और 1 से 2 ग्राम खूबकला ले। इनसब को मिलाले और पेस्ट बना ले। 
 सुबह खाली पेट और शाम को सोते समय इन्हे ले। 1 चम्मच सुबह और एक चम्मच शाम को ले और 
 छोटे बच्चों को इसका आधा चम्मच सुबह शाम ले। 








Friday, September 21, 2018

कैंसर से बचना है तो करे ये उपाए आपको पूरी लाइफ में कभी भी आपको कैंसर नहीं होगा

दोस्तों आज हम बात करने वाले है कैंसर के बारे में और हम  कैंसर  से किस तरह से बच सकते है। 
जो आपको हम बताने वाले है उसका use आप अपनी डेली लाइफ में भी कर सकते है आइये जानते 
है :
दोस्तों कैंसर के कई कारण  हो सकते है पहला कारण जेनेटिक हो सकता है ,pollution है ,unhealthy 
lifestyle है ,रेड मीट खाना ,मिलावटी खाना खाने के कारण ,लम्बे समय तक सिगरेट ,तम्बाकू और 
शराब पीना और कई तरह के नशे करने से भी कैंसर हो सकता है और भी कई कारण कैंसर के 
हो सकते है। कैंसर का एक कारण  मोटापा भी है। 
कैंसर के पेशेंट हर साल बढ़ते जा रहे है हर साल पुरे विश्व में 1.4 करोड़ कैंसर से जुड़े मामले आते है 
2030 तक ये 2.17 करोड़ तक पहुंच जाएगए।
भारत में हर साल 10 लाख से ज्यादा कैंसर के मामले आते है उसमे से 6.8 लाख लोग कैंसर से मर 
जाते है। 
दोस्तों हम आपको कुछ ऐसे घरेलु उपाए बताने जा रहे जो कैंसर की बीमारी को आने नहीं देगा यदि 
आपको कैंसर की बीमारी लग गयी है तो उसकी ग्रोथ को रोक देगी 

गेंहूं का जूस (Wheat Grass Juice): 

Wheat Grass Juice आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। Wheat Grass Juice पीने से 
ये कैंसर की growth को रोकता है। This food is high in alkaline जिससे ये कैंसर की रोकथाम 
में मदद करेगा। Wheat Grass में विटामिन ,मिनरलस पाए जाते है जो कैंसर की ग्रोथ को रोकता है। 
 ट्रीटमेंट के वख्त जो आप chemotherapy और drugs आप लेते है जिससे आपके cells damage 
हो जाते है wheat Grass Juice cells को  इनक्रीस करने में मदद करता है। Chemotherapy के 
कारण हमारा Immune system कमजोर होता है। वीट ग्रास Immune system को boost करने 
में मदद करता है। 
Wheat Grass जूस में chlorophyll पाया जाता है। It help to increase oxygen in your body.
Wheat Grass में 70% chlorophyll पाया जाता है ये हमारे शरीर में खून बनाने का काम करता है। 
ये ऑक्सीजन के साथ मिल कर Red or White Blood Cells का निर्माण करता है।यह हमारे लिवर 
और आंत से विषैले पदार्थ को बाहर निकाल देता है। 

Interesting Fact: आधा किलोग्राम वीट ग्रास में जितने Nutrients होते है उतने 

12 किलोग्राम other vegetables में होते है। 
इसलिए wheat grass juice जरूर पिए। 


  बनाने की विधि 

wheat  grass को आप अपने घर पर भी उगा सकते है नहीं तो wheat grass powder or जूस 
market से purchase कर सकते है। सबसे अच्छा तरीका इसको घर पर ही उगाये। 
सबसे पहले एक गमला ले उसमे मिट्टी डाले। फिर उसमे गेहूं के बीज डाले (हो सके तो गेहूँ के 
बीज को 12-24 घंटो तक भिगो कर रखे) गेहूं के बीज डालने के बाद उसको ऊपर से मिट्टी से 
ढक दे और थोड़ा सा पानी डाले। 15-20 दिन बाद जब वो थोड़ी सी बड़ी हो जाये तो उसको काट 
ले फिर उसको अच्छी तरह  पानी से धो ले। धोने के बाद मिक्सी में low speed पर ग्राइंड कर ले 
और उसमे थोड़ा सा पानी डाले फिर छननी से छान ले और पी ले। रोज़ 50 ml से शुरू करे धीरे 
धीरे इसकी मात्रा बड़ा कर  50 -100 ml कर सकते है। 
याद रहे wheat grass juice में नमक ,नीम्बू कुछ नहीं डालना है इसमें कुछ भी फिक्स कर के नहीं पीना है। कैंसर के मरीज wheat grass juice रोज़ सुबह खाली पेट पिए और शाम को खाना खाने से एक घंटा 
पहले। इसको पीने के बाद एक घंटा पहले और बाद में कुछ ना खाये। 
जिन्हे कैंसर नहीं है वो भी इसको रोज़ पी सकते है नहीं तो हफ्ते में एक दो बार आपको भी पी लेना 
चाहिए ये और कई बिमारियों से बचता है। 


गाजर और चुकंदर जूस 

दोस्तों गाजर और चुकंदर का जूस बहुत जरुरी है कैंसर पेशेंट के लिए। गाजर में प्रेजेंट होता 
है Carotenoids  और Flavonoids. Carotenoids पालक ,टमाटर में भी प्रेजेंट होता है ये FREE 
REDICAL जो हमारे सेल्स को ख़राब कर रहे है उसको बाहर निकलने में मदद करता है। 
Flavonoids  सेब और citrus फ्रूट्स के अंदर भी प्रेजेंट होता है ये हमारे Immune system को
boost  करता है और ये हमारे free redical को मारने का काम करता है।
चुकंदर में आयरन की मात्रा बहुत अधिक होती है chemotherapy और drugs (कैंसर
की treatment) के दौरान जो भी cells damage हुए है तो उसको रिपेयर करने के लिए आयरन
चाहिए। चुकंदर में आयरन की मात्रा बहुत अधिक होने के कारण हमारी सेल्स की production
enhance होगी। 
कैंसर की treatment के दौरान जो हम chemotherapy और drugs/medicine का use करते है
जिससे हमारी बॉडी बहुत कमजोर हो जाती है तो उस समय हमे iron rich food चाहिए। 
ये हमारे सेल्स को और अधिक ऑक्सीजन provide करवाएगा और ये ऑक्सीजन के साथ मिल 
कर White or Red Blood cells का निर्माण करेगा।  गाजर और चुकंदर का  समय आप उसमे निम्बू और अदरक का भी इस्तेमाल करे ये हमारे 
digestive system को सही रखेगा। 

एलोवेरा जूस 

दोस्तों एलोवेरा की खास बात ये है की यह एंटीबायोटिक और एंटीस्पेक्टिक के रूप में काम करता है। 
एलोवेरा शरीर में जाकर ख़राब सिस्टम को ठीक करता है। इसका कोई साइड इफ़ेक्ट भी नहीं होता है। 
दोस्तों एलोवेरा मेंऔर भी कई गुण है इसमें 70 % पानी, 70 तरह के मिनरल,प्रोटीन ,एमिनो एसिड  और 
विटामिन पाए जाते है। अगर कैंसर के मरीज को एलोवेरा जूस 45-60 दिन तक पिलाया जाये तो 
उनके शरीर पर एक अच्छा असर  देखने को मिलता है। एलोवेरा जूस कैंसर रोधी तत्व पाए जाते है जो 
की कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने से रोकते है। कैंसर के रोगियों को रोज़ सुबह शाम 40-50 ml
एलोवरा जूस पीना चाहिए। एलोवेरा जूस रोज़ पीने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और   कैंसर ठीक '
होने की संभाबना बढ़ जाती है। 
जैसे आप को कैंसर नहीं है तो भी आप रोज़ या हफ्ते में 2-3 बार एलोवरा जूस पी सकते है। ये आपके 
इम्यून सिस्टम को boost करने में मदद करेगा और आपको और कई बिमारियों से बचाएगा। 

बनाने की विधि 

एलोवेरा ले उसको धो ले फिर उसमे से gel वाले part को अलग कर ले। हमे gel वाला हिस्सा ही 
चाहिए। उस gel वाले हिस्से को बर्तन में डाल ले उसको पानी से एक दो बार धो ले। फिर मिक्सर में 
एलोवरा gel और थोड़ा सा पानी डाले। फिर low स्पीड पर ग्राइंड करे। सिर्फ 30 सेकंड से 1 मिनट तक  ही करे ज्यादा देर तक करोगे तो उसके फाइबर नष्ट हो जायेगे। इसको दिन में एक से दो बार पिए।
 खाना खाने से एक घंटा पहले पिए। 
घर में एलोवरा जूस बना रहे है तो 3-4 चमच्च एलोवरा gel आपके लिए काफी है 40 -50 ml जूस बनाने के 
लिए। इसको स्टोर कर के न रखे जब भी पीना हो तो ताज़ा हे बनाये। 

स्वस्थ आहार ले 

दोस्तों आपको आपकी जीवन शैली में कुछ बदलाब करने होंगे जिससे आप कैंसर के खतरे को कम 
कर सकते है या आप कैंसर की ग्रोथ को रोक सकते है। आपको कैंसर नहीं है तो आप अपनी जीवनशैली 
में बदलाब लाये आपको कैंसर कभी नहीं होगा। हरी सब्जियां खाये ,फल खाये क्यूंकि इनमे मौजूद 
एंटी ऑक्सीडेंट तत्व कैंसर पैदा करने वाले रसायनो को नष्ट करने में अहम् भूमिका निभाता है। दोस्तों
सब्जियां ,फल खाने से पहले उसको अच्छी तरह धो ले और गुनगुने पानी में धो ले क्यूंकि उनपर कई
तरह के बैक्टीरिया हो सकते है और उन पर कई तरह के chemical का भी छिड़काब क्या होता है।
खाने से पहले या जूस बनाने से पहले अच्छी तरह धोए। दोस्तों पेजेर्वेटिव और प्रोसेस्ड फ़ूड काम खाये।
मार्किट में मिलने वाले जूस का काम से काम इस्तेमाल करे। शाकाहारी भोजन करे क्यूंकि शाकाहारी
भोजन में मौजूद कई तरह के विटामिन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं और कैंसर सेल्स
को आपके शरीर में आने नहीं देते है।
 दोस्तों जो आपको हमने हमने बताया है इसका इस्तेमाल आप अपनी Daily life में कर सकते है।
 आप आपने स्वस्थ जांच 6 month में एक बार करवाते रहे बेशक आप हष्ट पुष्ट भी हो। डॉक्टर
की सलाह लेते रहे। इसके साथ आपको अपनी जीवन शैली में भी सुधार लाना चाहिए। सैर (walk)
करना,व्यायाम करना इसको आप रोजमर्रा की  बनाये। जिससे आपकी सेहत अच्छी रहेगी। आप 
active महसूस करोगे और आपकी माशपेशियों को शक्ति मिलयेगी। 



ग्रीन जूस क्यूँ पिये और फायदे जाने

Sunday, September 16, 2018

गर्भावस्था में क्या खाये और डायबिटीज में गर्भावस्था पर क्या खाये और क्या करे

         



गर्भवस्था में क्या खाये 

दोस्तों गर्भावस्था में आपको क्या खाना चाहिए और डायबिटीज होने पर आपको क्या खाना चाहिए 
और क्या करे जिससे माँ और बच्चा दोनों सुरक्षित रहे आइये जानते है :


1) दोस्तों, गर्भवस्था में आपके लिए हरी सब्जिंयां बहुत जरुरी है उसमे फोलिक एसिड की पर्याप्त

मात्रा होती है। जिससे बच्चे के जन्म से जुडी कई परेशानियां से बचाने का काम करती है। पालक,
ब्रॉक्ली,मेथी  ,लोकि ये सब आपके लिए बहुत जरुरी है। आप इनकी सब्जी बना कर खा सकते है या फिर 
इनका जूस भी बना सकते है। 
जूस बनाने की विधि 
50 ग्राम  पालक और 50 ग्राम ब्रॉक्ली ले।  उसे गर्म पानी से धो ले जिससे बैक्टीरिया मर जाये ,धोने
के बाद उसमे 100 ml पानी डाले और मिक्सर में ग्राइंड कर ले फिर छननी से छान ले और
 पी ले। इससे आपको खून की कमी नहीं होगी और फोलिक एसिड की पर्याप्त मात्रा भी मिल
जाएगी।
2) दोस्तों गर्भवस्था में फल जरूर खाये और ये सुनिश्चित कर ले की वो अच्छी तरह से धुले हो।
 सेब  गर्भवस्था में जरूर खाये इसमें फाइबर की मात्रा भीअच्छी होती है और ये एक अच्छा 
 एंटीऑक्सीडेंट बह है। सेब खाने से आपका पाचन तंत्र (digestive system) ठीक रहता है। 
 ये गर्भवस्था में माँ और बचे के लिए बहुत जरुरी है।

3)गर्भवस्था में जितना हो सके प्रोटीन खाये ये बच्चे के विकास के लिए बहुत जरुरी है.  दूध या
  दूध से बनी  चीज़े खाये या दालें खाये, इनमे पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन होता है। dairy प्रोडक्ट
  में कैल्शियम भी पर्याप्त मात्रा में होती है जो फीटस (भ्रूण) के बोन tissue के विकास के लिए
  आवश्यक है।
  बच्चों के उचित विकास के लिए 60 -75 ग्राम प्रोटीन का सेवन करना बहुत जरुरी है। जैसे
  आपकी लाइफ बहुत busy है तो आप प्रोटीन supplement का भी use भी कर सकते है।

  बादाम ,मुगफली ,काजू ,पिस्ता ,अखरोट और नारियल में भी उच्च मात्रा में प्रोटीन की मात्रा
  होती है ये आपके बच्चे के विकास के लिए बहुत जरुरी है और ये कैलोरी ,फाइबर ,विटामिन
और मिनरल्स का भी एक अच्छा स्त्रोत है।

 दलिया (ओट्स ) दलिया में प्रोटीन बहुत अधिक मात्रा में पायी जाती है गर्भवती महिलाओं को
  इसका सेवन करना चाहिए।इसका सेवन करना माँ और बच्चे के विकास के लिए बहुत अच्छा
 है।
 4) गर्भवस्था में महिलाओं को खूब पानी पीना चाहिए जिसे खून साफ़ रहता है और बच्चे की
सेहत भी अच्छी रहती है।
5)शकरकंद (sweet potato) गर्भवस्था में आप खा सकते है क्यूंकि शकरकंद में बीटा कैरोटीन
प्रचुर मात्रा में पाया जाता है इसमें बीटा कैरोटीन के साथ साथ विटामिन A ,विटामिन बी काम्प्लेक्स,
आयरन और फॉस्फोरस भी पाया जाता है.जो गर्भावस्था में  मॉ  और गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए
बहुत  है।
5)एवोकाडो एक फल है ये  गर्भवस्था में आपके लिए  बहुत अच्छा है इसमें इसमें फाइबर विटामिन
A ,विटामिन बी ,पोटैशियम ,कॉपर विटामिन ई ,विटामिन सी प्रचुर मात्रा में मौजूद होते है।

अगर आपको डायबिटीज है तो गर्भवस्था में क्या करे 

अगर आपको डायबिटीज है और आप गर्भवती है या बच्चा पैदा करने की सोच रहे है तो हमे 
क्या करना चाहिए आइये जानते है :
अगर आपको डायबिटीज है और आप गर्भवती है या बच्चा पैदा करने की सोच रहे  है तो आपके 
लिए गर्भवस्था अधिक चुनौतीपूर्ण और जटिल हो जाएगी। इसमें कोई डरने की जरुरत नहीं है हम 
ऐसे पेशेंट कई देखते है। डायबिटीज की बीमारी होने पर गर्भवस्था में  हमे ब्लड ग्लूकोस को 
नियंत्रित रखना बहुत जरुरी है। 
गर्भवस्था के दौरान शरीर में  ब्लड ग्लूकोस को समान्य रखना मुश्किल होता है अगर आपकी बॉडी 
में इसकी मात्रा नियंत्रित नहीं होगी तो गर्भपात ,समय से पहले बच्चा ,बच्चे के जन्म में दिकत या 
माँ और बचे पर बुरा प्रभाब पड़ सकता है। 
गर्भवस्था के दौरान महिलांओं को समय समय पर अपना स्वास्थ्य परिक्षण और डॉक्टर की सलाह
लेते रहना चाहिए। आपकी डायबिटीज भी चेक करवाते रहे क्यों की ब्लड सुगर बढ़ने से बच्चो के
अंगो के बनने के निर्माण में दिकत होती है। 

हम आपको बताते है कुछ टिप्स जिससे आप और आपका बच्चा स्वस्थ रहे और आपकी ब्लड सुगर 
भी कण्ट्रोल रहे :
1)स्ट्रेस (stress) से दूर रहे : आप स्ट्रेस लेंगे तो आप और आपके बच्चे पर स्ट्रेस पड़ेगा जिससे दोनों
को बीमारी लगने का खतरा बना रहता है।
आइये जानते है स्ट्रेस को कैसे कण्ट्रोल करे 
a)व्यायाम :व्ययाम आपके लिए बहुत जरुरी है ,व्ययाम करे और पार्क,ग्राउंड या घर पड़ धिरे धिरे टहले।
   ये आपके लिए बहुत जरुरी है।
b)हरी सब्जिंयां बहुत जरुरी है उसमे फोलिक एसिड की पर्याप्त मात्रा होती है। जिससे बच्चे
 के  जन्म से जुडी कई परेशानियां से बचाने का काम करती है। पालक,ब्रॉक्ली,मेथी  ,लोकि ये
 सब आपके लिए बहुत जरुरी है। आप इनकी सब्जी बना कर खा सकते है या फिर जूस बना कर
भी पी सकते है। 
2) डायबिटीज रोगी महिलाओं को गर्भवस्था के दौरान प्रतिदिन लगभग 300 अतिरिक्त कैलोरी वाला
  भोजन करना चाहिए। 
3) नाश्ते में सुबह सिमित कार्बोहाइड्रेट्स (carbs) खाये क्यूंकि ग्लूकोस का सत्तर सुबह में अधिक होने
की सभाबना होती है। इसलिए नाश्ते  प्रोटीन और फाइबर की मात्रा ज्यादा रखे।
4)फल और सब्जियां ज्यादा खाये ,फल को भोजन के साथ न ले मतलब फल को ब्रेकफास्ट और
लंच के बीच में ले या लंच  डिनर के बीच ले भोजन के साथ न ले।
5) दूध का सेवन करे क्यों की दूध में कैल्शियम होता है ये बच्चे  के विकास के लिए अच्छा है।
6)  दिन में 5 -6 बार खाना खाये थोड़ा थोड़ा खाये एक साथ ज्यादा न खाये।
7) डायबिटीज केयर प्रोटीन सप्लीमेंट आप मार्किट से खरीद सकते है जिससे आपकी प्रोटीन की
मात्रा पूरी हो जाएगी।


Tuesday, September 11, 2018

Insulin or diabetes ka rishta

इन्सुलिन एक तरह का हॉर्मोन होता है जो हमारी बॉडी produce करती है pancreas के through .
इन्सुलिन आपके ब्लड में ग्लूकोस के स्तर को नियंत्रित रखता है बल्कि यह फैट को सरंक्षित करने
में भी एक बहुत अच्छी भूमिका निभाता है। शरीर में शक्ति प्रदान करने के लिए ब्लड के माध्यम
से कोशिकाओं (cells ) में ग्लूकोस पहुंचने का काम इन्सुलिन की मदद से पूरा होता है।
इन्सुलिन कब release होगा जब हम carb खाते है या कुछ मीठा खाते है जब हमारा blood
sugar बढ़ जाता तो इन्सुलिन रिलीज़ होती  है। insulin हमारे blood  sugar  को different
part of body में लेकर जायेगा जैसेकि muscles ,Brain और liver वहाँ पर जाकर ये आपके
glucose या blood sugar को स्टोर कर देगा।
इन्सुलिन कमी से या इन्सुलिन का सही तरीके से कार्य न कर पाने से डाइबिटीज़ के लक्षण
विकसित होने लगते है।

आइये जानते है इन्सुलिन के बारे में:

इन्सुलिन काम कैसे करता है 

हमारी बॉडी में एक ग्रंथि (GLAND) होता है  pancreas . Pancreas में मौजूद होती है beta cells 
इन beta cells से रिलीज़ होता है इन्सुलिन। जब हमारी बॉडी में मौजूद  beta cell इन्सुलिन produce 
नहीं करती है तब हम उसे डाइबिटीज़ बोलते है। इन्सुलिन का काम होता है जो हम खाना खाते 
है उसे ग्लूकोस में convert कर के Blood vessels में पहुंचना। जब हमें डाइबिटीज़ होती है तब 
हमारा 50% pancreas काम करना बंद कर  देता है मतलब तब हमारा pancreas insulin  produce 
करना बंद कर देता है जिससे हमे डॉयबिटीज़ होती है। 

इन्सुलिन लेने का सही तरीका 

डॉयबिटीज़ के मरीज सिरिंज का इस्तेमाल भी कर सकते है परन्तु आज कल इन्सुलिन PEN भी  
मार्किट में मिल जाता है उसका इस्तेमाल करे क्यूंकि इसे लगाना बहुत आसान है। इन्सुलिन का इंजेक्शन 
हमेशा खाना खाने से पहले लगाना चाहिए। सुबह नाश्ता करने से 15 से 20 मिनट पहले लगाना चाहिए  
और रात को खाना खाने से भी 15 से 20 मिनट पहले लगाना चाहिए। इन इंजेक्शन के बीच में कम 
से कम 10 से 12 घंटों का फासला होना चाहिए। इन्सुलिन को ठंडी और साफ़ जगह पर हे रखे। 

इन्सुलिन की जरुरत कब और किसे पड़ती है 

डॉयबिटीज़ के मरीज जिन्हे दिल की बीमारी हो या लकवे का अटैक हो चूका हो ,आँखों की बीमारी
हो या कोई इन्फेक्शन हो ,टीवी हो  या कोई ऑपरेशन होने वाला हो उन्हें इन्सुलिन की आवश्यकता
पड़ती है। डॉयबिटीज़ से पीड़ित गर्भवती महिलाओं को भी इसकी जरुरत पड़ती है।
टाइप 1 डॉयबिटीज़ के मरीजों में pancreas के beta cells ख़राब होने के कारण या नष्ट होने
के कारण हमारी बॉडी में इन्सुलिन नहीं बन पता। इन्सुलिन न बनने के कारण टाइप 1 डॉयबिटीज़ 
के मरीजों  को इन्सुलिन  आबशयकता पड़ती है।
टाइप 2  डॉयबिटीज़ के मरीजों में इन्सुलिन तो बनता है पर पर्याप्त मात्रा में नहीं बन पाता तो इन्हे
दवाई के रूप में इन्सुलिन लेने की आवश्यकता पड़ती है ताकि उनके ग्लूकोस प्रक्रिया में
मदद मिल सके।

क्या डॉयबिटीज़ का इलाज संभब है 


डॉयबिटीज़ का इलाज संभब तो नहीं है पर हम डॉयबिटीज़ को कण्ट्रोल कर सकते है आइये जानते
है कैसे :
1) रोज़ सुबह या शाम को कम से कम  30 से 45 मिनट walk करे ,exerciseकरे जिससे आपका
blood sugar level कण्ट्रोल रहे।
2) बीड़ी ,सिगरेट शराब और junk फ़ूड से दूर रहे
3) संतुलित आहार ले।
 

इन्सुलिन की खोज 

इन्सुलिन की खोज फ्रेडरिक ग्रांट बेटिंग ने की थी इस खोज में उनका साथ चार्ल्स हर्बर्ट ने दिया था। 
इसके लिए 1921 में फ्रेडरिक ग्रांट बेटिंग ने प्रयोग एक कुत्ते पर किया था।डॉयबिटीज़  के इलाज के लिए 
ये खोज कारगर सिद्ध हुई। इस महान कार्य के लिए फ्रेडरिक को नोबेल पुरस्कार  था। 
मनुष्य पर इसका प्रयोग 1922 में किया गया था।  टाइप 1 डॉयबिटीज़ से पीड़ित लियोनार्ड थॉम्पसन 
नाम का 14 वर्षीय बच्चे पर इस इन्सुलिन रूपी दवा का प्रयोग किया गया। इस दवा के नतीजे 
 सफ़ल रहे थे  लेकर तब  से लेकर आजतक इन्सुलिन रूपी दवा का प्रयोग हो रहा है। 




Wednesday, September 5, 2018

Kidney ख़राब होने के लक्षण और आदते


किडनी का काम शरीर का खून साफ़ करना होता है और पेशाव बनाना होता है।
हर एक मनुष्य चाहे वे औरत हो या पुरुष दोनों में समान्यता दो किडनी होती है।
किडनी पेट के अन्दर वाले भाग में स्थित होती  है। जिससे बाहर से छूने पर ये महसूस 
 नहीं होती है।प्र्त्येक किडनी का बजन एक बयस्क ब्यक्ति में  150 -170 ग्राम का होता है।   
ब्यस्को में किडनी लगभग 10 CM लम्बी, 6 CM चौड़ी और 4 CM मोटी होती है।किडनी  
द्बारा बनाये गए पेशाब को uniary Bladder तक पहुँचाने वाली नली को Ureter कहते है। ये 
लगभग 25 CM लम्बी होती है और बिशेष प्रकार की लचीली मांसपेशियों से बनी होती है। 
जब बयस्क ब्यक्ति के मूत्राशय में 350 -550 ML पेशाब इकठा हो जाता है तब मूत्राशय के क्षमता 
के करीब पेशाब भर जाता है तब ब्यक्ति को पेशाब त्यागने की तीव्र इच्छा होती है। 

किडनी ख़राब होने के लक्षण 

1 )किडनी का काम पेशाब के द्वारा विषैले पदार्थ को बाहर निकालना होता है। जब विषैले पदार्थ बाहर नहीं निकल पाते है,
तो किडनी में भरे हुए बिषाले पदार्थ के कारण  आपका हाथ, पैर,टखना और चेहरा सूज जाता है जिससे 
आपका बजन भी बढ़ने लगता है। इस अवस्था में पेशाब गाड़ा होने लगता है या पेशाब की मात्रा कम या 
ज्यादा हो जाती है।  
2) भूख कम लगना ,दोस्तों किडनी का मुख्य कार्य शरीर में बिषले पदार्थ को बाहर निकलना होता है 
जब ये पदार्थ बाहर नहीं निकल पाते है तो हमारे शरीर में बहुत से विषैले पदार्थ जमा हो जाते है जिससे 
भूख कम लगती है। 
3)शरीर में कमजोरी ,थकान महसूस होना या होर्मोन्स इम्बैलेंस भी किडनी की बीमारी के लक्षण है।
दोस्तों किडनी शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा को बैलेंस करती है जब ऐसा नहीं हो पाता तो शरीर में
खून की कमी हो जाती है जिससे शरीर में थकान महसूस होती है।

4)चिड़चिड़ापन और एकाग्रता की कमी भी किडनी खराब  होने के लक्षण हो सकते  है।

5)बार बार पेशाब आने का आभास होना पर करने पर नहीं होना। इसके अन्य लक्षण पेशाब
करने पर जलन ,दबाब ,दर्द जैसा अनुभब होना भी किडनी ख़राब होने के लक्षण है।

6)पेशाब में खून आये या झाग जैसा पेशाब आये तो डॉक्टर से सलाह जरूर ले।

7 )किडनी की बीमारी के कारण  शरीर में यूरिआ का स्तर बढ़ जाता है ये यूरिआ अमोनिआ के
रूप में उत्पन होता है जिस के कारण मुँह से दुर्गन्ध आती है।

8)किडनी ख़राब होने के कारण हमारे शरीर में विषैले पदार्थ जम जाते है जिसे हमारे शरीर
में खारिश हो सकती है जिससे Rashes पड़ जाते है (इसका मतलब आपकी किडनी ख़राब हो 
भी सकती है या नहीं क्यूंकि खारिश और बिमारियों के कारण हो सकती है )

9)बार बार और लगातार उलटी आना भी किडनी ख़राब होने का संकेत है।

10)हाई ब्लड प्रेशर भी आपकी किडनी को खराब कर सकता है।

किडनी ख़राब करने वाली आदते 

1)डॉयबिटीज के इलाज में लापरवाही करने से किडनी खराब हो सकती है। इसलिए डॉयबिटीज 
वाले मरीज अपनी ब्लड शुगर को कण्ट्रोल करे। 

2)ज्यादा शराब और तम्बाकू (किसी भी प्रकार का) लिवर के साथ साथ किडनी भी ख़राब हो 
सकती है। 

3)बहुत ज्यादा नमक खाने से ,बहुत ज्यादा मॉस खाने से भी किडनी ख़राब हो सकती है। 

4)बहुत ज्यादा जंक फ़ूड ,सॉफ्ट ड्रिंक्स और सोडा पीने  से भी किडनी खराब हो सकती है। 

5)पेशाब रोकने से ,बहुत कम पानी पीने से भी किडनी ख़राब हो सकती है। 

7)Pain killer जैसी दवाइया लेने से भी किडनी पर बुरा असर पड़ता है। 

8)ब्लड प्रेशर हाई रहना भी किडनी पर बहुत गलत असर डालता है जिससे आपकी किडनी ख़राब
भी हो सकती है।

9)नींद पूरी न करना भी किडनी को ख़राब कर  सकता है।







Tuesday, August 28, 2018

हृदय रोग "Coronary Artery Disease"

                                                      हृदय रोग क्या है ?

हृदय रोग को हम  Coronary Artery Disease भी कहते है ये एक ऐसी स्थिति है जिसमे  हृदय को ऑक्सीजन युक्त खून की सप्लाई करने वाली ध्वनियोँ में प्लाक जम जाता है उनके अंदर                 ब्लॉकेज  हो जाता है और प्लाक उन खून की नसों को बंद करने की कोशिश है और आपके 
दिल को जाने वाली ऑक्सीजन supplies कम या बंद भी कर सकता है। 


                                           Plaque हमारे शरीर में कैसे बनता है 

Plaque हमारे शरीर में  कोलेस्ट्रॉल ,फैट  और खून के अंदर मौजूद बाकि चीज़ो के साथ मिलकर   
बनता है। ये हमारी खून की Inner layer यानि की अंदरूनी परत  में जमा होता रहता है                        और धीरे धीरे बड़ा होता रहता है।
इस बीमारी को हम Atherosclerosis भी कहते है। इसकी बजह से हमें हृदय की बीमारी होती  
 है जैसे जैसे प्लाक बढ़ता जाता है वैसे वैसे खून की नसे बंद होने लगती है। धीरे धीरे उन बंद 
होती नसों में Clot( खून का धब्बा )जमा होने  लगता है , जब ये पूरी तरह बंद हो जाये तो आपको 
heart attack हो जायेगा। 

                                                 हृदय रोग क्यों होता है 

जब हमारी दिल की मासपेशोयों को खून नहीं पहुँच पता है  तब हमारी दिल की मासपेशियां धीरे 
धीरे मरना शुरू हो जाती है।  जितना ज्यादा हमारी दिल की  नसों में  खून नहीं पहुंचेगा उतना ही            बड़ा आपको Heart attack होगा। 

                                     Heart Attack आने के क्या संकेत है 

Heart Attack  आने से पहले ये हमारी body में कई तरह के संकेत देता है और आपके शरीर में कई तरह के बदलाब भी आते है आइये जानते है -

हार्ट अटैक से पहले हमारे छाती में दर्द (Chest Pain) भी हो सकता है। 
जब हमारे  दिल के निचे वाले हिस्से को खून नहीं पहुँचता तो पेट और छाती के बीच वाले हिस्से 
में दर्द हो सकता है मतलब पेट के ऊपर वाले हिस्से में भी दर्द हो सकता है। 
दिल के ऊपर वाले हिस्से में खून नहीं पहुँचेगा तो जबड़े या गले में दर्द हो सकता है। 
आपकी बाई बाजु में दर्द हो सकता है। 
हाथ में दर्द हो सकता है। 
आपकी पीठ  में भी दर्द हो सकता है। 
Depend करता है हमारी बॉडी के किस हिस्से में खून नहीं पहुँच रहा है। दिल के आस पास 
कही भी दर्द रहता है आगे या पीछे वो heart attack का रूप ले सकती है। 
ये  सब Coronary Artery Disease की बजह से ,Atherosclerosis की बजह से ,होता है 
और Plaque की बजह से ,खून की नसों में ब्लॉकेज की बजह से भी होता है। 
  
  क्या हार्ट अटैक उम्र के साथ सभी को होता है 

ये बहुत कॉमन सा प्रश्न है की हार्ट अटैक उम्र के साथ सभी को आता है की नहीं आता है तो किन्हे आता है और  क्यों आता है आइये जानते है -

हार्ट अटैक उम्र के साथ सभी को नहीं आता है ये उनको आने की संभावना ज्यादा होती है जो 
उम्र के साथ अपनी Life Style को Change नहीं कर पाते है। जो लोग physically inactive 
है ,जंक फ़ूड ज्यादा खाते है ,तम्बाकू का सेवन करते है ,बहुत अधिक शराब पीते है ,डॉयबिटीज़ 
,कोलेस्ट्रोल,हाई ब्लड प्रेशर और भी कई चीज़े है जो हार्ट अटैक का कारन हो सकती है। 
डॉयबिटीज़ से हार्ट अटैक तभी आएगा जब आप अपने शुगर  लेवल को कण्ट्रोल नहीं कर 
रहे आपका सुगर लेवल कण्ट्रोल है तो आपको डरने की कोई जरुरत नहीं है। 

                                    हार्ट अटैक से बचने के उपाए 

हमेशा Blood Pressure 120/80mmHg  (above systolic 120mmHg /diastolic 80mmHg)
आसपास हे रखे। 
हार्ट अटैक से बचने के लिए आप रोज़ 30 minute तक सैर करे और व्ययाम करे। फिजिकल 
ऐक्टिव होना आपके लिए बहुत जरुरी है। 
जंक फ़ूड से दूर रहे ज्यादा oil होने के कारन ये आपके ब्लॉकेज को और बड़ा सकता है। 
ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखे। जिससे आप हार्ट फेलियर की आशंका 
को काम कर सकते है। 
तनाब (Stress) से दूर रहे। 
 यदि आप मोटे है तो आपको हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा है। अपने मोटापे को कम करे। 
ज्यादा मोटापा होने की बजह  से आपके हार्ट को ज्यादा रक्त और ज्यादा ऊर्जा पंप करनी 
पड़ती है। 

                    रोज़ाना खाये ये आहार हार्ट अटैक से बचने के लिए 

लोकी जूस- लोकी का जूस रोज़ पिए ,उसमे हो सके तो हरा धनिया या तुलसी या पुदीना 
भी डाल सकते है। जिससे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा काम होती है और हार्ट डिजीज का खतरा 
कम होता है। 
दही - रोज़ दही का सेवन करे इससे भी हार्ट अटैक की सभाबना कम हो जाती है। 
Green Juice -हफ्ते में एक बार Green Juice जरूर पिए जैसे ब्रॉक्ली ,पालक ,खीरा 
का जूस भी आपके हार्ट को मजबूत करता हैजिससे हार्ट डिजीज होने की सभाबना 
कम हो जाती है। 
Lemon juice -Lemon juice में भी एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते है जो हमारे bad कॉलेस्ट्रॉल 
को कम करता है और गुड कॉलेस्ट्रॉल की मात्रा को बढ़ता है   जिससे हमारी हार्ट अटैक की          परेशानी काफी हद तक कम हो जाती है।  
टमाटर -टमाटर भी अपनी डाइट में शामिल करे। इसमें मौजूद लाइकोपीन ,वीटा केरोटीन 
और फोलेट कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद  करता है। जिससे हार्ट डिजीज का खतरा
कम हो जाता है। 
 वीट ग्रास - Wheat grass जूस भी अपनी डाइट में शामिल जरूर करे। हफ्ते में एक बार  
wheat grass जूस जरूर पिए। 
Aloevera juice - आप Aloevera juice का भी इस्तेमाल कर सकते है । ये भी हार्ट डिजीज                 का खतरा कम करता है। 













Thursday, August 23, 2018

Tobacco(तम्बाकू और इसके दुष्परिणाम)


तम्बाकू एक प्रकार का जहर हैं। ये धिरे धिरे आपकी जान लेता है। तम्बाकू लेने से हमारी
शरीर का नाश होता है। इंसान को पता होता  है की तम्बाकू हानिकारक है पर  लाख
कोशिशों के बाद भी इसकी लत नई जाती। धीरे धीरे इसके कारण हमारी  स्वास्थ्य  ख़राब 
होने लगता है।  हम अपने आप को बिनाश के हवाले कर देते है। तम्बाकू आपकी जिंदगी के
लिए बहुत खतरनाक साबित हो सकता है। 
TOBACCO

      तम्बाकू के प्रकार 
 विश्व (वर्ल्ड) में तम्बाकू का प्रयोग सिगरेट के रूप में किया जाता है,लेकिन भारत में इसका  
 प्रयोग अन्य रूप में भी किया जाता है जैसे वीडी ,सिगरेट ,चिलम ,सिगार ,हुका ,गुल ,जर्दा ,
 गुटखा ,किमाम ,खैनी,पैन मसाला आदि। 
  

      तम्बाकू के दुष्प्रभाब 

तम्बाकू खाने से हमारे शरीर में कई तरह के दुष्प्रभाब पड़ते है आइये जानते है उन दुष्प्रभाब के
कारण :

तम्बाकू का इस्तेमाल (आदिकाल ) बहुत  पहले से हो रहा है।  पहली बार 1950 में पता चला था की 
तम्बाकू हमारे लिए बहुत हानिकारक है। RICHARD DOLL एक ब्रिटिश डॉक्टर थे। उन्होंने 
अपने 21 साल के करियर में British Medical Council में बताया था की Lungs cancer और 
तम्बाकू में कुछ न कुछ सबंध है। 
उसके बाद 1954 में चालीस हज़ार (40000) डॉक्टरों की टीम ने 20 साल तक शोध (रिसर्च) किया 
और पता लगा की  तम्बाकू खाने से Lungs cancer और इसके इलावा और कई तरह की बीमारियां 
हो जाती है। 
आईये में आपको उन बिमारियों के बारे में बताता हूँ  जो तम्बाकू खाने से होती है। 

    तम्बाकू के कारण होने वाली बीमारियां 

CANCER - तम्बाकू(ये किसी भी रूप में हो सकता है सिगरेट के रूप में या पान मसाला 
या जर्दे,खैनी के रूप में ) से कई तरह के कैंसर हो सकते है ,उनमे से आपको Tumor 
(Brain Cancer),Thyroid Cancer,Neck Cancer ,Lungs Cancer,Blood Cancer, Stomach
Cancer,Liver Cancer,Pancreatic Cancer,Cervical Cancer,Colon Cancer,Bladder Cancer.
तम्बाकू खाने से ये कैंसर आपको हो सकते है। 

  तम्बाकू खाने से क्या होता है हमारे शरीर (BODY ) में 

तम्बाकू खाने से हमे तम्बाकू की लत लग जाती है उसको कहते है Tobacco addiction और 
इसके कारन हमे Stress आने लगता है और हमे चिड़चिड़ापन आ जाता है ,हमे Stock हो 
सकता है। हमे blindness (आँखों की रोशनी जा सकती है). 
तम्बाकू खाने बालो को गले के अन्दर Infection  होता ही रहता है ,जैसे मुँह के छाले (Mouth 
ulcers ) होना। इन्हे gum  infection ,Mouth Infection होना के आम बात है। 
  
तम्बाकू खाने वालो की Heart का Size Normal से बढ़ जाती है ,आगे चलकर उन्हें  हार्ट अटैक 
भी आ सकता है। 
Lungs की बात करे तो bronchitis disease हो जाती है और हमें खांसी भी आती रहती है। साँस
लेने में दिकत हो सकती है।
एक Survey के मुताबिक  तम्बाकू खाने से सबसे ज्यादा प्रॉब्लम Infertility (आप बच्चे पैदा नहीं
कर  पाएंगे।

      तम्बाकू खाने से कौन -कौन से केमिकल हमारे शरीर में जाते है 

Research से पता चला है की तम्बाकू में 50 तरह के केमिकल होते है ये हमारे शरीर के लिए 
बहुत हानिकारक है। 
तम्बाकू में Nicotine नाम का एक Chemical होता है। जो हमें पागल बना देता है। हमे उसकी 
लत लग जाती है। Nicotine हमारी मानसिक स्थिति को Control कर  लेता है। इसे हम 
Psychoactive Drug कहते है। 
सिगरेट/तम्बाकू खाने से Nicotine के साथ साथ बहुत सारा कार्बन हमारे शरीर के अंदर 
चले जाता है। जिसके कारण Lungs में Carbon जम जाता है। Lungs में कार्बन जमने के कारण 
जितना हमारे शरीर को जितनी हमारे शरीर को साँस लेने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत होती 
है उतनी ऑक्सीजन लेने के लिए Lungs को बहुत सारी मेहनत करनी पड़ती है। जिसके कारण 
Lungs की नली का Size बड़ा हो जाता है। इसी condition को  bronchitis disease कहते है। 
तम्बाकू खाने से हमारे दांतो(Teeth) को नुकसान  पहुँचता है। धीरे धीरे दांतो के मसूड़ों के Tissues 
को नुकसान पहुँचने लगता है। इसी के कारण मुँह में मसूड़ों की बीमारियां जैसे cavity और दांत 
टूटने की समस्या होने लगती है। 
pregnancy के दौरान सिगरेट/तम्बाकू का सेवन करने वाली महिलाओ के शरीर में कई तरह के
drugs प्रवेश कर लेते है इसके कारण जन्म लेने वाले बच्चे पर इसका काफी प्रभाव पड़ता है ,
इसके कारण समय पूरा होने से पहले delivery का खतरा बना रहता है। जिसके कारण जन्म
लेने वाले बच्चो का Weight सामान्य से बहुत कम होता है।
अगर breast feeding  कराने वाली महिलाये तम्बाकू का सेवन करे तो उसके बच्चे पर बहुत गलत
असर पड़ सकता है।
तम्बाकू के कारण Kidney disease हो सकती है। जिसके कारण Kidney damage होने का खतरा
बना रहता है।
तम्बाकू खाने से खून की नसे कमजोर हो जाती है मतलब उनकी Elasticity काम हो जाती है ,
जिसके कारण हमारी पूरी बॉडी में प्रॉब्लम हो सकती है कई बीमारियां लगने के कारण।
जिसके कारण Brain में Blood Clot बनने शुरू हो जाएगए जिससे Brain  stroke होने के
chances बहुत बढ़ जायेगा।
तम्बाकू से आपका Blood pressure High रह सकता है। जिसके कारन खून की नसे कमजोर
होगी कमजोर नसे दिमाग के अंदर फट सकती है और ब्लीडिंग हो सकती है।
Blood Clot दिमाग में बन सकता है तो Blood Clot पैर में भी बन सकता है,ये Blood Clot
Heart और Lungs में भी जा सकते है। Heart में जा क्र आपको हार्ट अटैक आने की Chances 
को बड़ा देता है।
तम्बाकू से कमजोर नसे होने के कारण आपको penis में भी प्रॉब्लम आ सकती है जिसके
कारण आपको Erectile Dysfunction हो जायेगा,क्यंकि पूरी तरह आपके बॉडी में ब्लड
की Supply नहीं होगी। जिसके कारन sperm count भी कम हो सकता है।

WHO के मुताबिक हर साल World में 60 लाख लोग तम्बाकू से मरते है। दोस्तों तम्बाकू
हमारे और हमारे शरीर के लिए बहुत हानिकारक है। 
हमे आज ही एक प्रण लेना होगा की हम तम्बाकू को आज  और अभी से इसे छोड़ने का प्रयास
करेंगे साथ हम अपने आप भी और अपने आस पास तम्बाकू का प्रयोग करने वालो से भी
इसकी लत को छुड़वाए गए। 



ये article तम्बाकू पर था तम्बाकू किसी भी प्रकार का हो सकता है बीड़ी ,सिगरेट , हुका ,
गुल ,गुटखा ,ज़र्दा ,किमाम ,खैनी ,पैन मसाला आदि। सभी जानलेवा है इनसे बचे और 
सुरक्षित और स्वास्थ रहे। 
धन्यवाद 
   
















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