Friday, September 21, 2018

कैंसर से बचना है तो करे ये उपाए आपको पूरी लाइफ में कभी भी आपको कैंसर नहीं होगा

दोस्तों आज हम बात करने वाले है कैंसर के बारे में और हम  कैंसर  से किस तरह से बच सकते है। 
जो आपको हम बताने वाले है उसका use आप अपनी डेली लाइफ में भी कर सकते है आइये जानते 
है :
दोस्तों कैंसर के कई कारण  हो सकते है पहला कारण जेनेटिक हो सकता है ,pollution है ,unhealthy 
lifestyle है ,रेड मीट खाना ,मिलावटी खाना खाने के कारण ,लम्बे समय तक सिगरेट ,तम्बाकू और 
शराब पीना और कई तरह के नशे करने से भी कैंसर हो सकता है और भी कई कारण कैंसर के 
हो सकते है। कैंसर का एक कारण  मोटापा भी है। 
कैंसर के पेशेंट हर साल बढ़ते जा रहे है हर साल पुरे विश्व में 1.4 करोड़ कैंसर से जुड़े मामले आते है 
2030 तक ये 2.17 करोड़ तक पहुंच जाएगए।
भारत में हर साल 10 लाख से ज्यादा कैंसर के मामले आते है उसमे से 6.8 लाख लोग कैंसर से मर 
जाते है। 
दोस्तों हम आपको कुछ ऐसे घरेलु उपाए बताने जा रहे जो कैंसर की बीमारी को आने नहीं देगा यदि 
आपको कैंसर की बीमारी लग गयी है तो उसकी ग्रोथ को रोक देगी 

गेंहूं का जूस (Wheat Grass Juice): 

Wheat Grass Juice आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। Wheat Grass Juice पीने से 
ये कैंसर की growth को रोकता है। This food is high in alkaline जिससे ये कैंसर की रोकथाम 
में मदद करेगा। Wheat Grass में विटामिन ,मिनरलस पाए जाते है जो कैंसर की ग्रोथ को रोकता है। 
 ट्रीटमेंट के वख्त जो आप chemotherapy और drugs आप लेते है जिससे आपके cells damage 
हो जाते है wheat Grass Juice cells को  इनक्रीस करने में मदद करता है। Chemotherapy के 
कारण हमारा Immune system कमजोर होता है। वीट ग्रास Immune system को boost करने 
में मदद करता है। 
Wheat Grass जूस में chlorophyll पाया जाता है। It help to increase oxygen in your body.
Wheat Grass में 70% chlorophyll पाया जाता है ये हमारे शरीर में खून बनाने का काम करता है। 
ये ऑक्सीजन के साथ मिल कर Red or White Blood Cells का निर्माण करता है।यह हमारे लिवर 
और आंत से विषैले पदार्थ को बाहर निकाल देता है। 

Interesting Fact: आधा किलोग्राम वीट ग्रास में जितने Nutrients होते है उतने 

12 किलोग्राम other vegetables में होते है। 
इसलिए wheat grass juice जरूर पिए। 


  बनाने की विधि 

wheat  grass को आप अपने घर पर भी उगा सकते है नहीं तो wheat grass powder or जूस 
market से purchase कर सकते है। सबसे अच्छा तरीका इसको घर पर ही उगाये। 
सबसे पहले एक गमला ले उसमे मिट्टी डाले। फिर उसमे गेहूं के बीज डाले (हो सके तो गेहूँ के 
बीज को 12-24 घंटो तक भिगो कर रखे) गेहूं के बीज डालने के बाद उसको ऊपर से मिट्टी से 
ढक दे और थोड़ा सा पानी डाले। 15-20 दिन बाद जब वो थोड़ी सी बड़ी हो जाये तो उसको काट 
ले फिर उसको अच्छी तरह  पानी से धो ले। धोने के बाद मिक्सी में low speed पर ग्राइंड कर ले 
और उसमे थोड़ा सा पानी डाले फिर छननी से छान ले और पी ले। रोज़ 50 ml से शुरू करे धीरे 
धीरे इसकी मात्रा बड़ा कर  50 -100 ml कर सकते है। 
याद रहे wheat grass juice में नमक ,नीम्बू कुछ नहीं डालना है इसमें कुछ भी फिक्स कर के नहीं पीना है। कैंसर के मरीज wheat grass juice रोज़ सुबह खाली पेट पिए और शाम को खाना खाने से एक घंटा 
पहले। इसको पीने के बाद एक घंटा पहले और बाद में कुछ ना खाये। 
जिन्हे कैंसर नहीं है वो भी इसको रोज़ पी सकते है नहीं तो हफ्ते में एक दो बार आपको भी पी लेना 
चाहिए ये और कई बिमारियों से बचता है। 


गाजर और चुकंदर जूस 

दोस्तों गाजर और चुकंदर का जूस बहुत जरुरी है कैंसर पेशेंट के लिए। गाजर में प्रेजेंट होता 
है Carotenoids  और Flavonoids. Carotenoids पालक ,टमाटर में भी प्रेजेंट होता है ये FREE 
REDICAL जो हमारे सेल्स को ख़राब कर रहे है उसको बाहर निकलने में मदद करता है। 
Flavonoids  सेब और citrus फ्रूट्स के अंदर भी प्रेजेंट होता है ये हमारे Immune system को
boost  करता है और ये हमारे free redical को मारने का काम करता है।
चुकंदर में आयरन की मात्रा बहुत अधिक होती है chemotherapy और drugs (कैंसर
की treatment) के दौरान जो भी cells damage हुए है तो उसको रिपेयर करने के लिए आयरन
चाहिए। चुकंदर में आयरन की मात्रा बहुत अधिक होने के कारण हमारी सेल्स की production
enhance होगी। 
कैंसर की treatment के दौरान जो हम chemotherapy और drugs/medicine का use करते है
जिससे हमारी बॉडी बहुत कमजोर हो जाती है तो उस समय हमे iron rich food चाहिए। 
ये हमारे सेल्स को और अधिक ऑक्सीजन provide करवाएगा और ये ऑक्सीजन के साथ मिल 
कर White or Red Blood cells का निर्माण करेगा।  गाजर और चुकंदर का  समय आप उसमे निम्बू और अदरक का भी इस्तेमाल करे ये हमारे 
digestive system को सही रखेगा। 

एलोवेरा जूस 

दोस्तों एलोवेरा की खास बात ये है की यह एंटीबायोटिक और एंटीस्पेक्टिक के रूप में काम करता है। 
एलोवेरा शरीर में जाकर ख़राब सिस्टम को ठीक करता है। इसका कोई साइड इफ़ेक्ट भी नहीं होता है। 
दोस्तों एलोवेरा मेंऔर भी कई गुण है इसमें 70 % पानी, 70 तरह के मिनरल,प्रोटीन ,एमिनो एसिड  और 
विटामिन पाए जाते है। अगर कैंसर के मरीज को एलोवेरा जूस 45-60 दिन तक पिलाया जाये तो 
उनके शरीर पर एक अच्छा असर  देखने को मिलता है। एलोवेरा जूस कैंसर रोधी तत्व पाए जाते है जो 
की कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने से रोकते है। कैंसर के रोगियों को रोज़ सुबह शाम 40-50 ml
एलोवरा जूस पीना चाहिए। एलोवेरा जूस रोज़ पीने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और   कैंसर ठीक '
होने की संभाबना बढ़ जाती है। 
जैसे आप को कैंसर नहीं है तो भी आप रोज़ या हफ्ते में 2-3 बार एलोवरा जूस पी सकते है। ये आपके 
इम्यून सिस्टम को boost करने में मदद करेगा और आपको और कई बिमारियों से बचाएगा। 

बनाने की विधि 

एलोवेरा ले उसको धो ले फिर उसमे से gel वाले part को अलग कर ले। हमे gel वाला हिस्सा ही 
चाहिए। उस gel वाले हिस्से को बर्तन में डाल ले उसको पानी से एक दो बार धो ले। फिर मिक्सर में 
एलोवरा gel और थोड़ा सा पानी डाले। फिर low स्पीड पर ग्राइंड करे। सिर्फ 30 सेकंड से 1 मिनट तक  ही करे ज्यादा देर तक करोगे तो उसके फाइबर नष्ट हो जायेगे। इसको दिन में एक से दो बार पिए।
 खाना खाने से एक घंटा पहले पिए। 
घर में एलोवरा जूस बना रहे है तो 3-4 चमच्च एलोवरा gel आपके लिए काफी है 40 -50 ml जूस बनाने के 
लिए। इसको स्टोर कर के न रखे जब भी पीना हो तो ताज़ा हे बनाये। 

स्वस्थ आहार ले 

दोस्तों आपको आपकी जीवन शैली में कुछ बदलाब करने होंगे जिससे आप कैंसर के खतरे को कम 
कर सकते है या आप कैंसर की ग्रोथ को रोक सकते है। आपको कैंसर नहीं है तो आप अपनी जीवनशैली 
में बदलाब लाये आपको कैंसर कभी नहीं होगा। हरी सब्जियां खाये ,फल खाये क्यूंकि इनमे मौजूद 
एंटी ऑक्सीडेंट तत्व कैंसर पैदा करने वाले रसायनो को नष्ट करने में अहम् भूमिका निभाता है। दोस्तों
सब्जियां ,फल खाने से पहले उसको अच्छी तरह धो ले और गुनगुने पानी में धो ले क्यूंकि उनपर कई
तरह के बैक्टीरिया हो सकते है और उन पर कई तरह के chemical का भी छिड़काब क्या होता है।
खाने से पहले या जूस बनाने से पहले अच्छी तरह धोए। दोस्तों पेजेर्वेटिव और प्रोसेस्ड फ़ूड काम खाये।
मार्किट में मिलने वाले जूस का काम से काम इस्तेमाल करे। शाकाहारी भोजन करे क्यूंकि शाकाहारी
भोजन में मौजूद कई तरह के विटामिन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं और कैंसर सेल्स
को आपके शरीर में आने नहीं देते है।
 दोस्तों जो आपको हमने हमने बताया है इसका इस्तेमाल आप अपनी Daily life में कर सकते है।
 आप आपने स्वस्थ जांच 6 month में एक बार करवाते रहे बेशक आप हष्ट पुष्ट भी हो। डॉक्टर
की सलाह लेते रहे। इसके साथ आपको अपनी जीवन शैली में भी सुधार लाना चाहिए। सैर (walk)
करना,व्यायाम करना इसको आप रोजमर्रा की  बनाये। जिससे आपकी सेहत अच्छी रहेगी। आप 
active महसूस करोगे और आपकी माशपेशियों को शक्ति मिलयेगी। 



ग्रीन जूस क्यूँ पिये और फायदे जाने

Sunday, September 16, 2018

गर्भावस्था में क्या खाये और डायबिटीज में गर्भावस्था पर क्या खाये और क्या करे

         



गर्भवस्था में क्या खाये 

दोस्तों गर्भावस्था में आपको क्या खाना चाहिए और डायबिटीज होने पर आपको क्या खाना चाहिए 
और क्या करे जिससे माँ और बच्चा दोनों सुरक्षित रहे आइये जानते है :


1) दोस्तों, गर्भवस्था में आपके लिए हरी सब्जिंयां बहुत जरुरी है उसमे फोलिक एसिड की पर्याप्त

मात्रा होती है। जिससे बच्चे के जन्म से जुडी कई परेशानियां से बचाने का काम करती है। पालक,
ब्रॉक्ली,मेथी  ,लोकि ये सब आपके लिए बहुत जरुरी है। आप इनकी सब्जी बना कर खा सकते है या फिर 
इनका जूस भी बना सकते है। 
जूस बनाने की विधि 
50 ग्राम  पालक और 50 ग्राम ब्रॉक्ली ले।  उसे गर्म पानी से धो ले जिससे बैक्टीरिया मर जाये ,धोने
के बाद उसमे 100 ml पानी डाले और मिक्सर में ग्राइंड कर ले फिर छननी से छान ले और
 पी ले। इससे आपको खून की कमी नहीं होगी और फोलिक एसिड की पर्याप्त मात्रा भी मिल
जाएगी।
2) दोस्तों गर्भवस्था में फल जरूर खाये और ये सुनिश्चित कर ले की वो अच्छी तरह से धुले हो।
 सेब  गर्भवस्था में जरूर खाये इसमें फाइबर की मात्रा भीअच्छी होती है और ये एक अच्छा 
 एंटीऑक्सीडेंट बह है। सेब खाने से आपका पाचन तंत्र (digestive system) ठीक रहता है। 
 ये गर्भवस्था में माँ और बचे के लिए बहुत जरुरी है।

3)गर्भवस्था में जितना हो सके प्रोटीन खाये ये बच्चे के विकास के लिए बहुत जरुरी है.  दूध या
  दूध से बनी  चीज़े खाये या दालें खाये, इनमे पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन होता है। dairy प्रोडक्ट
  में कैल्शियम भी पर्याप्त मात्रा में होती है जो फीटस (भ्रूण) के बोन tissue के विकास के लिए
  आवश्यक है।
  बच्चों के उचित विकास के लिए 60 -75 ग्राम प्रोटीन का सेवन करना बहुत जरुरी है। जैसे
  आपकी लाइफ बहुत busy है तो आप प्रोटीन supplement का भी use भी कर सकते है।

  बादाम ,मुगफली ,काजू ,पिस्ता ,अखरोट और नारियल में भी उच्च मात्रा में प्रोटीन की मात्रा
  होती है ये आपके बच्चे के विकास के लिए बहुत जरुरी है और ये कैलोरी ,फाइबर ,विटामिन
और मिनरल्स का भी एक अच्छा स्त्रोत है।

 दलिया (ओट्स ) दलिया में प्रोटीन बहुत अधिक मात्रा में पायी जाती है गर्भवती महिलाओं को
  इसका सेवन करना चाहिए।इसका सेवन करना माँ और बच्चे के विकास के लिए बहुत अच्छा
 है।
 4) गर्भवस्था में महिलाओं को खूब पानी पीना चाहिए जिसे खून साफ़ रहता है और बच्चे की
सेहत भी अच्छी रहती है।
5)शकरकंद (sweet potato) गर्भवस्था में आप खा सकते है क्यूंकि शकरकंद में बीटा कैरोटीन
प्रचुर मात्रा में पाया जाता है इसमें बीटा कैरोटीन के साथ साथ विटामिन A ,विटामिन बी काम्प्लेक्स,
आयरन और फॉस्फोरस भी पाया जाता है.जो गर्भावस्था में  मॉ  और गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए
बहुत  है।
5)एवोकाडो एक फल है ये  गर्भवस्था में आपके लिए  बहुत अच्छा है इसमें इसमें फाइबर विटामिन
A ,विटामिन बी ,पोटैशियम ,कॉपर विटामिन ई ,विटामिन सी प्रचुर मात्रा में मौजूद होते है।

अगर आपको डायबिटीज है तो गर्भवस्था में क्या करे 

अगर आपको डायबिटीज है और आप गर्भवती है या बच्चा पैदा करने की सोच रहे है तो हमे 
क्या करना चाहिए आइये जानते है :
अगर आपको डायबिटीज है और आप गर्भवती है या बच्चा पैदा करने की सोच रहे  है तो आपके 
लिए गर्भवस्था अधिक चुनौतीपूर्ण और जटिल हो जाएगी। इसमें कोई डरने की जरुरत नहीं है हम 
ऐसे पेशेंट कई देखते है। डायबिटीज की बीमारी होने पर गर्भवस्था में  हमे ब्लड ग्लूकोस को 
नियंत्रित रखना बहुत जरुरी है। 
गर्भवस्था के दौरान शरीर में  ब्लड ग्लूकोस को समान्य रखना मुश्किल होता है अगर आपकी बॉडी 
में इसकी मात्रा नियंत्रित नहीं होगी तो गर्भपात ,समय से पहले बच्चा ,बच्चे के जन्म में दिकत या 
माँ और बचे पर बुरा प्रभाब पड़ सकता है। 
गर्भवस्था के दौरान महिलांओं को समय समय पर अपना स्वास्थ्य परिक्षण और डॉक्टर की सलाह
लेते रहना चाहिए। आपकी डायबिटीज भी चेक करवाते रहे क्यों की ब्लड सुगर बढ़ने से बच्चो के
अंगो के बनने के निर्माण में दिकत होती है। 

हम आपको बताते है कुछ टिप्स जिससे आप और आपका बच्चा स्वस्थ रहे और आपकी ब्लड सुगर 
भी कण्ट्रोल रहे :
1)स्ट्रेस (stress) से दूर रहे : आप स्ट्रेस लेंगे तो आप और आपके बच्चे पर स्ट्रेस पड़ेगा जिससे दोनों
को बीमारी लगने का खतरा बना रहता है।
आइये जानते है स्ट्रेस को कैसे कण्ट्रोल करे 
a)व्यायाम :व्ययाम आपके लिए बहुत जरुरी है ,व्ययाम करे और पार्क,ग्राउंड या घर पड़ धिरे धिरे टहले।
   ये आपके लिए बहुत जरुरी है।
b)हरी सब्जिंयां बहुत जरुरी है उसमे फोलिक एसिड की पर्याप्त मात्रा होती है। जिससे बच्चे
 के  जन्म से जुडी कई परेशानियां से बचाने का काम करती है। पालक,ब्रॉक्ली,मेथी  ,लोकि ये
 सब आपके लिए बहुत जरुरी है। आप इनकी सब्जी बना कर खा सकते है या फिर जूस बना कर
भी पी सकते है। 
2) डायबिटीज रोगी महिलाओं को गर्भवस्था के दौरान प्रतिदिन लगभग 300 अतिरिक्त कैलोरी वाला
  भोजन करना चाहिए। 
3) नाश्ते में सुबह सिमित कार्बोहाइड्रेट्स (carbs) खाये क्यूंकि ग्लूकोस का सत्तर सुबह में अधिक होने
की सभाबना होती है। इसलिए नाश्ते  प्रोटीन और फाइबर की मात्रा ज्यादा रखे।
4)फल और सब्जियां ज्यादा खाये ,फल को भोजन के साथ न ले मतलब फल को ब्रेकफास्ट और
लंच के बीच में ले या लंच  डिनर के बीच ले भोजन के साथ न ले।
5) दूध का सेवन करे क्यों की दूध में कैल्शियम होता है ये बच्चे  के विकास के लिए अच्छा है।
6)  दिन में 5 -6 बार खाना खाये थोड़ा थोड़ा खाये एक साथ ज्यादा न खाये।
7) डायबिटीज केयर प्रोटीन सप्लीमेंट आप मार्किट से खरीद सकते है जिससे आपकी प्रोटीन की
मात्रा पूरी हो जाएगी।


Tuesday, September 11, 2018

Insulin or diabetes ka rishta

इन्सुलिन एक तरह का हॉर्मोन होता है जो हमारी बॉडी produce करती है pancreas के through .
इन्सुलिन आपके ब्लड में ग्लूकोस के स्तर को नियंत्रित रखता है बल्कि यह फैट को सरंक्षित करने
में भी एक बहुत अच्छी भूमिका निभाता है। शरीर में शक्ति प्रदान करने के लिए ब्लड के माध्यम
से कोशिकाओं (cells ) में ग्लूकोस पहुंचने का काम इन्सुलिन की मदद से पूरा होता है।
इन्सुलिन कब release होगा जब हम carb खाते है या कुछ मीठा खाते है जब हमारा blood
sugar बढ़ जाता तो इन्सुलिन रिलीज़ होती  है। insulin हमारे blood  sugar  को different
part of body में लेकर जायेगा जैसेकि muscles ,Brain और liver वहाँ पर जाकर ये आपके
glucose या blood sugar को स्टोर कर देगा।
इन्सुलिन कमी से या इन्सुलिन का सही तरीके से कार्य न कर पाने से डाइबिटीज़ के लक्षण
विकसित होने लगते है।

आइये जानते है इन्सुलिन के बारे में:

इन्सुलिन काम कैसे करता है 

हमारी बॉडी में एक ग्रंथि (GLAND) होता है  pancreas . Pancreas में मौजूद होती है beta cells 
इन beta cells से रिलीज़ होता है इन्सुलिन। जब हमारी बॉडी में मौजूद  beta cell इन्सुलिन produce 
नहीं करती है तब हम उसे डाइबिटीज़ बोलते है। इन्सुलिन का काम होता है जो हम खाना खाते 
है उसे ग्लूकोस में convert कर के Blood vessels में पहुंचना। जब हमें डाइबिटीज़ होती है तब 
हमारा 50% pancreas काम करना बंद कर  देता है मतलब तब हमारा pancreas insulin  produce 
करना बंद कर देता है जिससे हमे डॉयबिटीज़ होती है। 

इन्सुलिन लेने का सही तरीका 

डॉयबिटीज़ के मरीज सिरिंज का इस्तेमाल भी कर सकते है परन्तु आज कल इन्सुलिन PEN भी  
मार्किट में मिल जाता है उसका इस्तेमाल करे क्यूंकि इसे लगाना बहुत आसान है। इन्सुलिन का इंजेक्शन 
हमेशा खाना खाने से पहले लगाना चाहिए। सुबह नाश्ता करने से 15 से 20 मिनट पहले लगाना चाहिए  
और रात को खाना खाने से भी 15 से 20 मिनट पहले लगाना चाहिए। इन इंजेक्शन के बीच में कम 
से कम 10 से 12 घंटों का फासला होना चाहिए। इन्सुलिन को ठंडी और साफ़ जगह पर हे रखे। 

इन्सुलिन की जरुरत कब और किसे पड़ती है 

डॉयबिटीज़ के मरीज जिन्हे दिल की बीमारी हो या लकवे का अटैक हो चूका हो ,आँखों की बीमारी
हो या कोई इन्फेक्शन हो ,टीवी हो  या कोई ऑपरेशन होने वाला हो उन्हें इन्सुलिन की आवश्यकता
पड़ती है। डॉयबिटीज़ से पीड़ित गर्भवती महिलाओं को भी इसकी जरुरत पड़ती है।
टाइप 1 डॉयबिटीज़ के मरीजों में pancreas के beta cells ख़राब होने के कारण या नष्ट होने
के कारण हमारी बॉडी में इन्सुलिन नहीं बन पता। इन्सुलिन न बनने के कारण टाइप 1 डॉयबिटीज़ 
के मरीजों  को इन्सुलिन  आबशयकता पड़ती है।
टाइप 2  डॉयबिटीज़ के मरीजों में इन्सुलिन तो बनता है पर पर्याप्त मात्रा में नहीं बन पाता तो इन्हे
दवाई के रूप में इन्सुलिन लेने की आवश्यकता पड़ती है ताकि उनके ग्लूकोस प्रक्रिया में
मदद मिल सके।

क्या डॉयबिटीज़ का इलाज संभब है 


डॉयबिटीज़ का इलाज संभब तो नहीं है पर हम डॉयबिटीज़ को कण्ट्रोल कर सकते है आइये जानते
है कैसे :
1) रोज़ सुबह या शाम को कम से कम  30 से 45 मिनट walk करे ,exerciseकरे जिससे आपका
blood sugar level कण्ट्रोल रहे।
2) बीड़ी ,सिगरेट शराब और junk फ़ूड से दूर रहे
3) संतुलित आहार ले।
 

इन्सुलिन की खोज 

इन्सुलिन की खोज फ्रेडरिक ग्रांट बेटिंग ने की थी इस खोज में उनका साथ चार्ल्स हर्बर्ट ने दिया था। 
इसके लिए 1921 में फ्रेडरिक ग्रांट बेटिंग ने प्रयोग एक कुत्ते पर किया था।डॉयबिटीज़  के इलाज के लिए 
ये खोज कारगर सिद्ध हुई। इस महान कार्य के लिए फ्रेडरिक को नोबेल पुरस्कार  था। 
मनुष्य पर इसका प्रयोग 1922 में किया गया था।  टाइप 1 डॉयबिटीज़ से पीड़ित लियोनार्ड थॉम्पसन 
नाम का 14 वर्षीय बच्चे पर इस इन्सुलिन रूपी दवा का प्रयोग किया गया। इस दवा के नतीजे 
 सफ़ल रहे थे  लेकर तब  से लेकर आजतक इन्सुलिन रूपी दवा का प्रयोग हो रहा है। 




Wednesday, September 5, 2018

Kidney ख़राब होने के लक्षण और आदते


किडनी का काम शरीर का खून साफ़ करना होता है और पेशाव बनाना होता है।
हर एक मनुष्य चाहे वे औरत हो या पुरुष दोनों में समान्यता दो किडनी होती है।
किडनी पेट के अन्दर वाले भाग में स्थित होती  है। जिससे बाहर से छूने पर ये महसूस 
 नहीं होती है।प्र्त्येक किडनी का बजन एक बयस्क ब्यक्ति में  150 -170 ग्राम का होता है।   
ब्यस्को में किडनी लगभग 10 CM लम्बी, 6 CM चौड़ी और 4 CM मोटी होती है।किडनी  
द्बारा बनाये गए पेशाब को uniary Bladder तक पहुँचाने वाली नली को Ureter कहते है। ये 
लगभग 25 CM लम्बी होती है और बिशेष प्रकार की लचीली मांसपेशियों से बनी होती है। 
जब बयस्क ब्यक्ति के मूत्राशय में 350 -550 ML पेशाब इकठा हो जाता है तब मूत्राशय के क्षमता 
के करीब पेशाब भर जाता है तब ब्यक्ति को पेशाब त्यागने की तीव्र इच्छा होती है। 

किडनी ख़राब होने के लक्षण 

1 )किडनी का काम पेशाब के द्वारा विषैले पदार्थ को बाहर निकालना होता है। जब विषैले पदार्थ बाहर नहीं निकल पाते है,
तो किडनी में भरे हुए बिषाले पदार्थ के कारण  आपका हाथ, पैर,टखना और चेहरा सूज जाता है जिससे 
आपका बजन भी बढ़ने लगता है। इस अवस्था में पेशाब गाड़ा होने लगता है या पेशाब की मात्रा कम या 
ज्यादा हो जाती है।  
2) भूख कम लगना ,दोस्तों किडनी का मुख्य कार्य शरीर में बिषले पदार्थ को बाहर निकलना होता है 
जब ये पदार्थ बाहर नहीं निकल पाते है तो हमारे शरीर में बहुत से विषैले पदार्थ जमा हो जाते है जिससे 
भूख कम लगती है। 
3)शरीर में कमजोरी ,थकान महसूस होना या होर्मोन्स इम्बैलेंस भी किडनी की बीमारी के लक्षण है।
दोस्तों किडनी शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा को बैलेंस करती है जब ऐसा नहीं हो पाता तो शरीर में
खून की कमी हो जाती है जिससे शरीर में थकान महसूस होती है।

4)चिड़चिड़ापन और एकाग्रता की कमी भी किडनी खराब  होने के लक्षण हो सकते  है।

5)बार बार पेशाब आने का आभास होना पर करने पर नहीं होना। इसके अन्य लक्षण पेशाब
करने पर जलन ,दबाब ,दर्द जैसा अनुभब होना भी किडनी ख़राब होने के लक्षण है।

6)पेशाब में खून आये या झाग जैसा पेशाब आये तो डॉक्टर से सलाह जरूर ले।

7 )किडनी की बीमारी के कारण  शरीर में यूरिआ का स्तर बढ़ जाता है ये यूरिआ अमोनिआ के
रूप में उत्पन होता है जिस के कारण मुँह से दुर्गन्ध आती है।

8)किडनी ख़राब होने के कारण हमारे शरीर में विषैले पदार्थ जम जाते है जिसे हमारे शरीर
में खारिश हो सकती है जिससे Rashes पड़ जाते है (इसका मतलब आपकी किडनी ख़राब हो 
भी सकती है या नहीं क्यूंकि खारिश और बिमारियों के कारण हो सकती है )

9)बार बार और लगातार उलटी आना भी किडनी ख़राब होने का संकेत है।

10)हाई ब्लड प्रेशर भी आपकी किडनी को खराब कर सकता है।

किडनी ख़राब करने वाली आदते 

1)डॉयबिटीज के इलाज में लापरवाही करने से किडनी खराब हो सकती है। इसलिए डॉयबिटीज 
वाले मरीज अपनी ब्लड शुगर को कण्ट्रोल करे। 

2)ज्यादा शराब और तम्बाकू (किसी भी प्रकार का) लिवर के साथ साथ किडनी भी ख़राब हो 
सकती है। 

3)बहुत ज्यादा नमक खाने से ,बहुत ज्यादा मॉस खाने से भी किडनी ख़राब हो सकती है। 

4)बहुत ज्यादा जंक फ़ूड ,सॉफ्ट ड्रिंक्स और सोडा पीने  से भी किडनी खराब हो सकती है। 

5)पेशाब रोकने से ,बहुत कम पानी पीने से भी किडनी ख़राब हो सकती है। 

7)Pain killer जैसी दवाइया लेने से भी किडनी पर बुरा असर पड़ता है। 

8)ब्लड प्रेशर हाई रहना भी किडनी पर बहुत गलत असर डालता है जिससे आपकी किडनी ख़राब
भी हो सकती है।

9)नींद पूरी न करना भी किडनी को ख़राब कर  सकता है।