Monday, October 8, 2018

टाइफाइड बुखार

Typhoid Fever

टाइफाइड बुखार Salmonella Typhi और Salmonella Paratyphi नाम के बैक्टीरिया से होती
है। ये बैक्टीरिया हमारे खाने-पीने से हमारे शरीर में प्रवेश करता है  जैसे गंदे पानी ,संक्रमित जूस
 और कई तरह के पेय पदार्थ से हमारे शरीर में प्रवेश करता है। किसी संक्रमित व्यक्ति के झूठा
भोजन या कोई भी खाद्य पदार्थ खाने के कारण भी टाइफाइड की संभाबना बढ़ जाती है। यह
 Salmonella बैक्टीरिया हमारे पाचनतंत्र और खून में मिलकर सक्रामक रोग फैलाने लगता  है।
 जिससे संक्रमित व्यक्ति को बुखार आने लगता है। Salmonella नामक बैक्टीरिया हमारे शरीर
में एक जगह से दूसरी जगह घूमता रहा है जैसे लिवर से पित्ताशय आदि में घूमता रहता है। टाइफाइड
एक संक्रामक बीमारी है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलती है। टाइफाइड के कई लक्षण
हो सकते है आइये जानते है उन लक्षणों को-

टाइफाइड के लक्षण
टाइफाइड के पहले चरण में या टाइफाइड के पहले हफ्ते में बहुत तेज़ बुखार आता है और ये 
धीरे धीरे बढ़ता जाता है जिसके कारण सर दर्द होना,हाथ पैर में बहुत दर्द होना। आपको कब्ज
भी हो सकती है या दस्त भी लग सकते है। टाइफाइड में मरीज को भूख नहीं लगती है। टाइफाइड
में बुखार बढ़ने के साथ साथ आपके pulse बढ़ने चाहिए पर टाइफाइड बुखार में आपको इसका
उल्टा होता है बुखार बढ़ने के साथ साथ आपके pulse कम होते है। टाइफाइड के दूसरे चरण
में या टाइफाइड के दूसरे हफ्ते में शरीर में लाल रंग के दाने निकलने लगते है आपकी पीठ और
पेट के ऊपर। टाइफाइड के कारण पेट में दर्द हो सकता है,पेट भी फूल सकता है। टाइफाइड के
तीसरे चरण में या टाइफाइड के तीसरे हफ्ते में मरीज का mental function disturb हो जाता है।
जिसके कारण वो अजीब सी बातें करने लगता है। टाइफाइड के कारण बैक्टीरिया small intestine
में फस जाते है जिसके कारण Bones और Joint में Infection भी हो सकता है और इसके साथ 
और कई बीमारियां लग सकती है। जैसे Meningitis मतलब brain में सूजन या जलन हो सकती है। 
Nephritis मतलब किडनी में सूजन या जलन हो सकती है। Cholecystitis मतलब पित्ताशय 
(gall bladder) में भी सूजन हो सकती है। टाइफाइड के कारण आपको उल्टियां भी हो सकती है
पर ये बहुत कम cases में देखा गया है।

टाइफाइड की जाँच 
टाइफाइड की जाँच किस तरह से होती है हम आपको बताते है। शुरुआती स्टेज में रोगी को ब्लड
टेस्ट करवाना पड़ता है ब्लड टेस्ट करवा कर उसका इलाज शुरू किया जाता है। उसके इलाबा
रोगी का स्टूल टेस्ट करके उसके शरीर में टाइफाइड की  बैक्टीरिया की मौजूदगी का पता लगाया
जाता है। Widal Test भी टाइफाइड के लिए किया जाता है। कभी कभी ज्यादा बैक्टीरिया होने पर
अगर मरीज को ज्यादा पेट दर्द या उल्टी हो तो सोनोग्राफी भी करनी पड़ती है।

 टाइफाइड से कैसे बचे 
हम अपने दिनचर्या (Daily routine) में बदलाब करके भी टाइफाइड से बच सकते है। हमे कुछ
बदलाब करने पड़ेगे जिससे कई प्रकार के बैक्टीरिया और वायरस वाली बिमारियों से बच सकते है।
1) कुछ भी खाने से पहले अपने हाथ साबुन से धोले जिसे आपके हाथ से बैक्टीरिया मर जाएगे।
2) पानी उबाल कर पिए या अच्छा सा water filter घर पर लगाए।
3) सब्जियां पका कर ही खाये। कच्ची सब्जियां खाने से पहले उसको गरम पानी में 1-2 बार धो
 ले।
4) हरी सब्जियां और फल ज्यादा से ज्यादा खाये पर उन्हें खाने से पहले गरम पानी में धोये।
5) हफ्ते में एक बार एलोवेरा जूस पिए और हफ्ते में एक बार wheat grass(गेहूं का रस)
 पिए जिससे आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी। 

टाइफाइड का इलाज 
टाइफाइड के इलाज के लिए एंटीबायोटिक दी जाती है। बैक्टीरिया को मारने के लिए ये एंटीबायोटिक 
दी जाती है। टाइफाइड के शुरुआती अवस्था में इसका इलाज एंटीबायोटिक गोलियों और इंजेक्शन 
के द्वारा किया जाता है जिससे 2 -3 हफ़्तों में आपका टाइफाइड ठीक हो जाता हैं। इसके साथ आपको 
परहेज रखना बहुत जरुरी है। 

बच्चों का टाइफाइड का इलाज कैसे करे 
दोस्तों टाइफाइड के लिए छोटे बच्चों का इलाज होम्योपैथी और आयुर्वेदिक दवाइयों से करे क्यूंकि 
अलोपैथी दवाइयों से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है जिससे शरीर का सिस्टम 
बिगड़ जाता है जिससे उनको आगे चल कर उन्हें डायबिटीस भी हो सकती है। क्यूंकि टाइफाइड 
की अलोपैथी दवाइयां बहुत गरम होती है। इसलिए जो बच्चे 15 या 15 साल से नीचे है उनका 
इलाज टाइफाइड का आयुर्वेदिक या होम्योपैथी दवाइयों से हे करे।  

टाइफाइड का घरेलु उपचार 
1) 5-7 तुलसी के पते,थोड़ी सी अदरक और एक छोटी  इलाची ले फिर उसके एक कप पानी डाल 
  दे फिर उबाले जब ये एक चौथाई रह जाये तब छननी से छान कर पी ले। आपको टाइफाइड
 के बुखार में कुछ आराम मिलेगा। 
2) सेब का रस निकालकर उसमे अदरक का रस मिलाये ये भी हर तरह के बुखार में राहत दिलाता 
 है।  
3) पुदीने के कुछ पते और अदरक का छोटा सा टुकड़ा ले दोनों को पीस ले। फिर इसमें एक कप 
 पानी मिलाये।फिर पुदीने के पते और अदरक की पेस्ट को पानी में मिला कर एक घोल बना ले। 
 इससे दिन में दो बार सुबह शाम पिए। 
4) एक दो चम्मच प्याज़ का रस दिन में दो-तीन बार पीने से भी आपका बुखार उतरने लगता है। 
   प्याज़ का रस पीने सेआपको कब्ज़ से भी छुटकारा मिलयेगा।
5) टाइफाइड के बुखार से बचने के लिए आप लहसुन भी खा सकते है। सुबह खाली पेट एक या 
दो कलियाँ लहसुन की खाये गुनगुने पानी के साथ। लहसुन में एंटीबायोटिक गुण होता है जिसमे 
टाइफाइड बुखार में बनने वाले बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करता है। 
6) लोंग का पानी भी आप पी सकते है। 5-6 लोंग ले उसमे एक लीटर पानी  मिलाये 
   फिर इसे उबाल  ले जब ये आधा रह जाये ठंडा होने दे। फिर छननी से छान ले। एक हफ्ते तक इसे 
  पिए। 
7) 4 से 5 मुनक्का , 6-8 अंजीर और 1 से 2 ग्राम खूबकला ले। इनसब को मिलाले और पेस्ट बना ले। 
 सुबह खाली पेट और शाम को सोते समय इन्हे ले। 1 चम्मच सुबह और एक चम्मच शाम को ले और 
 छोटे बच्चों को इसका आधा चम्मच सुबह शाम ले। 








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